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26 दिसंबर 2025

   

LIC Survey Form: आख़िरी 5 सवाल जो पॉलिसी दिलाते हैं

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दोस्तों, सर्वे फॉर्म के जरिये काम करते समय आपका उदेश्य महत्वपूर्ण होता है। अगर आपका उदेश्य सिर्फ आंकड़े इक्क्ठा करना होता है, तो आप इस माध्यम का उपयोग करके अधिक सफल नहीं हो सकते हैं। मेरे अनुसार प्रत्येक सर्वे में आपका उदेश्य होना चाहिए कि आप अपने क्षेत्र के लोगों के मन में यह भरोषा पैदा कर सके कि आप बिना किसी स्वार्थ के उनके बारे में चिंता करते हैं, आपको अपने क्षेत्र की विस्तृत जानकारी है और आप एक अच्छी विचारधारा वाले एलआईसी के प्रोफेशनल एजेंट हैं।

मुझे पूरा भरोषा है कि एलआईसी सर्वे फॉर्म के पिछले प्रश्नो तक आप अपनी ऐसी छवि को विकसित कर चुके होते हैं। अब सर्वे फॉर्म के आखरी पांच सवालों की बारी है। इन सवालों के जरिये आपको यह सुनिश्चित करना है कि लोग आपको अपने भविष्य की वित्तीय योजनाओं में मदद करने के लिए एक सलाहकार के रूप में शामिल करें।

तो आइये अब एलआईसी सर्वे फॉर्म के आखरी पांच प्रश्नो को जानते है और समझने का प्रयास करते हैं कि सर्वे के दौरान आपके यह प्रश्न लोगों से कैसे पूछने चाहिए, ताकि लोग सिर्फ आपको उत्तर ही न दें, बल्कि अपनी वित्तीय योजनाओं में आपको सलाहकार के रूप में आमंत्रित भी करें।

सर्वे फॉर्म के आखरी पांच प्रश्न: अभिकर्ता का लक्ष्य

सर्वे फॉर्म के शुरूआती प्रश्नो से आपने अपने व्यक्तित्व को एक संवेदनशील और प्रोफेशनल अभिकर्ता के रूप स्थापित करने हेतु प्रयास किया है। अब जरुरत है कि आप लोगों से अनुमति लें कि आप जब चाहे, उनसे जीवन बीमा से जुडी बातचीत के लिए सम्पर्क कर सके और सर्वे फॉर्म के आखरी पांच प्रश्न आपके इसी कार्य को आसान बना देते हैं।

हाँ, यहाँ पर आपके लिए हमारा एक सुझाव है कि जब सर्वे में आप इन प्रश्नो को लोगों से पूछ रहे हों तो ऐसा करते समय आपके बातचीत का लहजा बहुत अधिक सहज, आत्मीय और मददगार होना चाहिए। आपको याद रखना चाहिए कि इन प्रश्नो के लिए, आपको लोगों से सिर्फ "हाँ" नहीं सुनना है, बल्कि उन्हें यह भरोषा दिलाना है कि आप उनके और उनके परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा और भविष्य के सपनो के साथी बन सकते हैं।

तो चलिए, अब बारी-बारी से सर्वे फॉर्म के आखरी पांच प्रश्नो के लिए विस्तार से चर्चा करते हैं।

क्या आप हमारी फ्री डोर सर्विस का लाभ प्राप्त करना चाहेंगे?

सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न बहुत अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आप इसके जरिये लोगों को यह एहसास दिलाते हैं आप सिर्फ बीमा विक्री नहीं करते हैं, बल्कि आपने अभी तक जिस किसी को भी जीवन बीमा पॉलिसी बेचीं है उनको एक उत्कृष्ट सर्विस भी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, परोक्ष रूप से आप यह एहसास दिलाने का प्रयास करते हैं कि अगर वह भी पहले से आपसे ही पॉलिसी ख़रीदे होते तो उनको भी ऐसी उत्कृष्ट सेवाएं फ्री में मिलती रहती।

तो ऐसा करने के लिए आप इस प्रश्न को कुछ इस तरह से पूछ सकते हैं-

"हम अपने पॉलिसीधारकों को बिना किसी शुल्क के फ्री डोर सर्विस प्रदान करते हैं - जैसे उनके पॉलिसी के प्रीमियम एवं भुगतान की सूचना देना, विभिन्न वित्तीय अपडेट, जीवन बीमा उद्योग में होने वाले अपडेट के बारे में बताना, इत्यादि। क्या आप भी यह लाभ लेना चाहेंगे?"

यदि व्यक्ति ने आपके ऐसा पूछने पर "हाँ" कह दिया, तो इसका मतलब यह है कि वह अप्रत्यक्ष रूप से आपको अपने घर आने और फोन पर सम्पर्क करने की अप्रत्यक्ष अनुमति दे दी है। यह भविष्य में आपके लिए नियमित मुलाकातों का माध्यम बन सकता है, जिससे आप विश्वास और व्यवसाय दोनों को मजबूत कर सकते हैं।

क्या आप चाहते हैं कि आपको एलआईसी की नई योजनाओं की जानकारी समय-समय पर मिलती रहे?

एलआईसी सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न इनफार्मेशन शेयरिंग के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है, इस प्रश्न के लिए अनुमति लेकर आप यह सुनिश्चित करते हैं कि आप विभिन्न प्रकार के प्लेटफार्म जैसे WhatsApp, टेलीग्राम इत्यादि का उपयोग करके लोगों को एलआईसी की योजनाओं के बारे में जानकारी दे सकते हैं।

आप इस प्रश्न को कुछ इस तरह से पूछ सकते हैं-

"एलआईसी अपने पॉलिसीधारकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर नई योजनाएं लांच करती रहती है। यह लोगों के जीवन के अलग-अलग लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार सिद्ध होती है। तो क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसी जानकारी आपको साझा करता रहूं।"

इस प्रश्न का उत्तर यदि "हाँ" में मिलता है, तो यह इस बात का संकेत है कि व्यक्ति आपकी अपडेट प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसका लाभ आपको यह हो सकता है कि आप ऐसे व्यक्ति मैसेज, WhatsApp अथवा कॉल के जरिये उनके सम्पर्क में रह सकते हैं। जिससे भविष्य में आपके बीमा विक्री की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

क्या आपको अपनी बेटी के विवाह हेतु वित्त की आवश्यकता है?

सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न बहुत अधिक संवेदनशील है, क्योकि यह प्रश्न भावनात्मक जुड़ाव पैदा करता है। इसलिए इस प्रश्न को पूछते समय आपका स्वर सहानुभूतिपूर्ण और आदरपूर्ण होना चाहिए। आप इस प्रश्न को कुछ इस तरह पूछ सकते हैं-

"हर माता-पिता अपनी बिटिया का विवाह योग्य वर के साथ करना चाहता है, वह चाहता है कि उसकी बेटी की शादी सम्मानपूर्वक और सुखद वातावरण में हो। क्या आप भी इस उदेश्य की पूर्ति हेतु कोई आर्थिक योजना बनाना चाहते हैं?"

यदि व्यक्ति "हाँ" कहता है, तो आपके लिए एक सुनहरा मौका मिल जाता है, जब आप जल्द ही उस व्यक्ति से पॉलिसी विक्री हेतु सम्पर्क कर सकते हैं। यह प्रश्न न केवल व्यक्तियों के संभावित जरूरतों का आकलन करने में आपकी मदद करता है, बल्कि उनके भावनात्मक विश्वास को मजबूती देने का भी काम करता है।

क्या आपको अपने बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु वित्त की आवश्यकता है?

याद रखिये, सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न न केवल बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, बल्कि उस व्यक्ति के सपनो से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस प्रश्न को आर्थिक एवं जोश भरे शब्दों के साथ पूछना बेहतर होता है। कुछ इस तरह से-

"हर माता-पिता अपने बच्चों को सफल देखना चाहता है लेकिन बढ़ती हुई महंगाई और उच्च शिक्षा के लिए होने वाले खर्च हर माता-पिता के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती खड़े कर देती है। तो क्या आप भी चाहते हैं कि आपने अपने बच्चों के लिए जो कुछ भी सपने देखें है उसे पूरा करने में आपको आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े और क्या आपने इसके लिए पहले से कोई प्रबंध किया हुआ है।"

जब व्यक्ति "हाँ" कहता है तो वास्तव में वह आपको यह अवसर दे रहा होता है कि यदि आप उसे कनविंस कर लेते हैं तो वह अपने बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए आपसे नई पॉलिसी खरीद सकता है। अब तो जरुरत सिर्फ इतनी है कि आप उसे कनविंस कर लें।

क्या आप वृद्धावस्था पेंशन के लिए धन प्रबंधन करना चाहते हैं?

यह एक ऐसा प्रश्न है जो आपको प्रत्येक सर्वे में बीमा विक्री संभावना देता है। अन्य प्रश्नो को देखें तो नहीं की संभावना हो सकती है। उदाहरण के लिए हो सकता है किसी व्यक्ति की बिटिया न हो या बेटा न हो। लेकिन हर व्यक्ति एक दिन बुजुर्ग जरूर होगा। इसलिए मुझे लगता है कि संभावनाओं के दृष्टिकोण से यह प्रश्न सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

आप लोगों से यह सवाल कुछ इस तरह पूछ सकते हैं-

"वर्तमान समय में, बच्चे विवाह के बाद स्वतंत्र जीवन शैली अपनाना चाहते हैं। ऐसे में अधिकतम लोगों को वृद्धावस्था में विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह की समस्याओं को देखते हुए आज बहुत सारे लोग अपने बुढ़ापे की व्यवस्था के लिए रिटायरमेंट प्लांनिग कर रहे हैं। तो क्या आप भी अपने लिए कोई ऐसी ही प्लानिंग करना चाहते हैं।"

अगर सर्वे में इसका उत्तर आपको "हाँ" में मिलता है, तो यह आपके लिए संकेत है कि भविष्य में वह व्यक्ति आपका अपना पॉलिसीधारक बन सकता है। एलआईसी की पेंशन योजनाओं को बेहतर तरीके से दिखाकर, आप ऐसे लोगों को पॉलिसी बेच सकते हैं।

सर्वे फॉर्म का नोट्स सेक्शन

अब उपरोक्त प्रश्न के बाद आपका सर्वे समाप्त हो जाता है। मुझे यह पूरा विश्वास है कि इस कोर्स में दिए गए सिद्धांतो का पालन करते हुए आप अपने सफलता के प्रथम पावदान को बहुत ही बेहतरीन तरीके से पूर्ण कर लेंगे।

लेकिन सर्वे पूरा करना और यह मान लेना कि सिर्फ इतना करके आप सफल हो जायेंगे तो यह बहुत ही गलत निर्णय होगा। सर्वे पूरा होने के बाद ही एक नई शुरुआत होती है जब आपको अपने कारोबारी रिश्ते विकसित करने होते हैं और बीमा विक्री को सफल करना होता है।

प्रत्येक सर्वे के लिए आपको लक्ष्य बनाना चाहिए कि चाहे कितनी भी कोशिस क्यों न करनी पड़े, आप करेंगे लेकिन आप प्रत्येक सर्वे में शामिल व्यक्ति से सफल बीमा विक्री जरूर प्राप्त करेंगे और ऐसा करने के लिए अब बेहद जरुरी है कि पुरे सर्वे से प्राप्त उत्तरों के आधार पर आप सर्वे में शामिल व्यक्ति से डाटा प्राप्त करें और उसे नोट करें।

इस बात को वीडियो में विस्तार से समझाया गया है आपको यह वीडियो जरूर देखना चाहिए।

निष्कर्ष

मैं एक बार फिर से कहूंगा कि एलआईसी सर्वे फॉर्म सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं है। यह आपकी सफलता का दरवाजा है। मुझपर भरोषा करें और इस पुरे कोर्स को जरूर करें। मैं यह दावे से कह सकता हूँ कि यदि सही दिशा में आप इस सर्वे फॉर्म के माध्यम से कार्य करते हैं तो एलआईसी के बड़े से बड़े टारगेट को बहुत ही आसानी से पूर्ण कर सकते हैं।

इस कोर्स के समापन पर, मैं माँ सरस्वती से सच्चे मन से प्रार्थना करता हूँ-
“माँ सरस्वती से मेरी प्रार्थना है कि इस प्रशिक्षण को पूर्ण करने वाले हर शिक्षार्थी पर अपनी कृपा बरसाएँ।
वे जीवन बीमा जैसे पुण्य कार्य के माध्यम से समाज की सेवा करें और उनके जीवन में सफलता, समृद्धि और सम्मान के उजियारे सदा बने रहें।”

21 दिसंबर 2025

   

एलआईसी सर्वे फॉर्म की जानकारी: NACH System

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यदि आप जीवन बीमा कारोबार से जुड़े हैं तो जीवन बीमा उद्योग में हो रहे वर्तमान बदलाव को देखकर, आप यह तो समझ ही गए होंगे कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हर कंपनी अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देकर, खुद से जोड़कर रखना चाहती है। ऐसे में, यदि आप लोकल स्तर पर अभिकर्ताओं के संघर्ष को ध्यान दें, तो हर अभिकर्ता दूसरे अभिकर्ता से संघर्ष कर रहा है ताकि वह अपना कारोबार बेहतर कर सके।

ऐसी स्थिति में, एलआईसी अभिकर्ताओं के लिए सर्वे फॉर्म, सफलता के दरवाजे खोलने वाला साबित हो रहा है। यह एक ऐसा माध्यम है जो एलआईसी अभिकर्ताओं को अवसर प्रदान करता है कि वह किसी भी व्यक्ति को बेहतर ढंग से समझ सकता है और उनके साथ एक गहरा भरोसे का रिश्ता विकसित कर सकता है।

जीवन बीमा बाजार के आज के इस लेख में हम सर्वे फॉर्म के छठवें प्रश्न, "क्या आपको एलआईसी के NACH सिस्टम की जानकारी है और आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं?", के बारे में विस्तार से जानेंगे कि आप इस एक प्रश्न की मदद से अपने कारोबार को कैसे बेहतर कर सकते हैं।

    NACH सिस्टम क्या है और यह क्यों जरुरी है

    NACH का पूरा नाम है- नेशनल ऑटोमेटेड क्लीयरिंग हाउस, जिसे नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित किया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी सुविधा है, जिसके तहत पॉलिसीधारक अपने जीवन बीमा पॉलिसी की प्रीमियम अपने बैंक खाते में जमा करके रखता है। फिर एक निश्चित समय पर बैंक खाते से उसकी प्रीमियम स्वचालित रूप से कट जाती है और उसके जीवन बीमा पॉलिसी की प्रीमियम जमा हो जाती है।

    इसका मतलब यह है कि पॉलिसीधारक को अपने पॉलिसी की प्रीमियम जमा करने के लिए हर बार एजेंट, शाखा कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल पर जाने की जरुरत नहीं होती है। पॉलिसीधारक को सिर्फ एक बार अपने पॉलिसी के लिए NACH मैंडेट कराना होता है, इसके बाद एक निश्चित तिथि पर प्रीमियम स्वतः ही जमा होने लगती है।

    सबसे कमाल की बात यह है कि यह सुविधा न केवल पॉलिसीधारको के लिए उपयोगी है, बल्कि इसकी वजह से एलआईसी अभिकर्ताओं को भी लाभ होता है। क्योंकि इसकी वजह से पॉलिसी के लैप्स होने की संभावना बहुत कम हो जाती है और इस कार्य के लिए कलेक्शन फॉलो-अप का झंझट भी घट जाता है।

    सर्वे फॉर्म के छठवें प्रश्न का उदेश्य

    सर्वे के दौरान इस प्रश्न के जरिये आप अपने क्षेत्र के लोगों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से परिचित कराते हैं और इसके फायदे बताते हैं। सर्वे के दौरान आप भी पाएंगे कि आपके क्षेत्र के बहुत सारे लोगों को इस व्यवस्था के बारे में पता नहीं होता है और बहुत सारे ऐसे लोग भी आपसे मिलेंगे, जिन्हे यह प्रक्रिया काफी जटिल महसूस होती है।

    अब जब आप सर्वे के जरिये आपको यह प्रश्न लोगों को कुछ इस प्रकार समझाना चाहिए, ताकि सबसे पहले उन्हें इस डिजिटल पेमेंट सिस्टम के बारे में सटीक जानकारी हो, दूसरा यह कि आप उनके इस भ्रम को दूर करें कि यह एक जटिल प्रक्रिया और तीसरा यह कि यदि वह इस सिस्टम से अपनी पॉलिसी को लिंक करते हैं तो उन्हें कैसे लाभ हो सकता है।

    क्योकि जब आप उपरोक्त में सफल होते हैं तो आपके क्षेत्र के लोगों के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि एक प्रोफेशनल, जानकार एवं उनकी परवाह करने वाले अभिकर्ता है और यही विश्वास आपके लिए सफलता के दरवाजे खोल देता है।

    सर्वे फॉर्म का छठां प्रश्न: ग्राहक को NACH से लाभ

    सर्वे फॉर्म में शामिल अन्य प्रश्नो की तरह यह प्रश्न भी आपको बहुत ही सामान्य लग सकता है। पहली नजर में आप भी यह सोच सकते हैं कि भला इस प्रश्न से बीमा कारोबार कैसे बेहतर हो सकता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस प्रश्न के जरिये आप वास्तव में अपने बीमा कारोबार को बेहतर कर सकते हैं।

    हाँ यह जरूर है कि सर्वे शुरू करने से पहले आपको इस प्रश्न की ताकत समझनी होगी। आपको यह समझना होगा कि आप अपने क्षेत्र के लोगों से इस प्रश्न को पूछकर उन्हें कैसे प्रभावित कर सकते हैं। आप इस प्रश्न के संदर्भ में निम्नलिखित बातों को समझा सकते हैं।

    • नुकसान से बचत:

      जीवन बीमा पॉलिसी में पॉलिसीधारक को एक निश्चित समय पर प्रीमियम जमा करना बेहद जरुरी होता है। क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो प्रीमियम जमा करने के साथ ही उसको लेट फीस जमा करना पड़ता है। जिसके कारण उसे शुद्ध नुकसान होता है। क्योकि लेट फीस के ऊपर उसे कोई लाभ नहीं मिलता है।

      अब जब वह अपनी पॉलिसी को NACH सिस्टम से लिंक कर देता है, तो उसकी प्रीमियम समय पर अपने आप जमा हो जाती है। परिणाम स्वरुप उसे लेट फीस का नुकसान नहीं उठाना होता है।

    • समय की बचत:

      सामान्यतया पॉलिसीधारक अपनी प्रीमियम जमा करने के लिए एलआईसी के शाखा कार्यालय अथवा प्रीमियम पॉइंट पर जाता है, या फिर वह अपनी प्रीमियम एलआईसी एजेंट को देता है। इस प्रक्रिया में उसका समय नुकसान होता है। जबकि इस विधि से प्रीमियम जमा करने में उसे न ही कहीं जाने की जरुरत होती है और न ही किसी को प्रीमियम देना होता है। उसके बैंक खाते से स्वतः ही प्रीमियम जमा हो जाती है।

    • रिस्क कवर का लाभ:

      जीवन बीमा पॉलिसियों में रिस्क कवर का लाभ तभी मिलता है जब उस पॉलिसी के सभी प्रीमियम का भुगतान समय पर होता रहता है। कई बार, पॉलिसीधारक प्रीमियम की ड्यू डेट भूल जाता है, तो कई बार वह प्रीमियम का पैसा एजेंट को देता है लेकिन एजेंट समय पर प्रीमियम जमा नहीं करता। ऐसी स्थिति में मृत्यु दावा निरस्त होने का खतरा बना रहता है। जबकि इस सिस्टम के तहत प्रीमियम स्वतः ही जमा होती रहती है इसलिए बीमे का मूल लाभ (मृत्यु दावा) हमेसा सुरक्षित रहता है।

    • सुरक्षित एवं पारदर्शी प्रक्रिया:

      NACH सिस्टम एक सुरक्षित एवं पारदर्शी प्रक्रिया होती है। पॉलिसीधारक को एक ओर एलआईसी से प्रीमियम जमा होने की सुचना उसके ईमेल आईडी पर मेल के जरिये और मोबाइल पर मैसेज के जरिये प्राप्त होती है, तो वही पर दूसरी ओर बैंक से प्रीमियम का पैसा कटने की सुचना एसएमएस के जरिये मिलती है।

    सर्वे में जब आप अपने क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी देते हैं, तो वह भले ही इस सिस्टम से अपनी पॉलिसियों को लिंक करें या न करें, वह यह जरूर महसूस करते हैं कि आपकी कोशिस उनके हित में है। आप बिना किसी स्वार्थ के उनका सहयोग कर रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप वह आपको अन्य दूसरे अभिकर्ताओं से अलग और बेहतर मानने लगते हैं।

    एजेंट के लिए इस प्रश्न के फायदे

    वैसे तो सर्वे फॉर्म का उपयोग, एक अभिकर्ता द्वारा अनजान लोगों से व्यवसायिक संबंध विकसित करने के लिए किया जाता है। लेकिन सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न, जिसमे NACH के बारे में जानकरी देने के लिए बताया गया है, आपके अपने ग्राहकों के लिए भी बहुत अधिक उपयोगी है। यही कारण है कि आपके लिए हमारा सुझाव होगा कि NACH सिस्टम की जानकारी आपको अपने ग्राहकों को भी जरूर देनी चाहिए।

    यदि आप ऐसा करते हैं तो यह आपके ग्राहकों के लिए तो लाभप्रद होती ही है, लेकिन इसकी वजह से आपको भी लाभ होता है। आइये इसे विस्तार से समझते हैं।

    • पॉलिसी लैप्स नहीं होती:

      एलआईसी के बहुत सारे अभिकर्ताओं की सबसे बड़ी समस्या होती है कि उनकी अधिकतम पॉलिसियां लैप्स हो जाती हैं, जिसके कारण वह क्लब मेंबर नहीं बन पाते हैं। चुकी NACH सिस्टम में पॉलिसीधारक की प्रीमियम स्वतः ही उसके बैंक खाते से कट कर जमा हो जाती है, इसलिए पॉलिसी लैप्सेसन की समस्या समाप्त हो जाती है।

    • सर्विसिंग का बोझ कम होता है:

      पॉलिसीधारक जब अपने पॉलिसी की प्रीमियम मैनुअली जमा करता है, तब एक अभिकर्ता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उसे प्रीमियम ड्यू से पहले अपने पॉलिसीधारक को याद दिलाना होता है कि वह अपने पॉलिसी की प्रीमियम समय से जमा करे। जबकि, NACH सिस्टम से जुड़ने के बाद आपको यह कार्य लगभग न के बराबर करना होता है।

    • प्रोफेशनल छवि का विकास:

      जब आप अपने पॉलिसीधारकों को या किसी भी व्यक्ति को इस सिस्टम के बारे में बताते हैं, तो भले ही वह अपनी जीवन बीमा पॉलिसी को NACH सिस्टम के लिए लिंक करे या न करे, वह यह तो जरूर सोचेगा कि आप बिना किसी स्वार्थ के उसके हित की बात कर रहे हैं और आपका यह प्रयास आपके प्रोफेशनल छवि का निर्माण करता है।

    • क्रॉस-सेलिंग के अवसर:

      आपका यह प्रयास ग्राहक से आपके संबंधो को मजबूत करता है और आप उनके हित को प्राथमिकता देते हैं, उनके मन में यह भरोषा पैदा करता है। आपके यह मजबूत संबंध और विश्वास, बाद में आपको बीमा विक्री के अवसर प्रदान करता है। आप अपने ग्राहकों का, उनके परिवार के सदस्यों का अथवा उनसे रिफरल लेकर उनके संबंधो में बीमा विक्री के अवसर प्राप्त करते हैं।

    सच तो यह है कि NACH सिस्टम की जानकारी देकर, आप अपनी एक ऐसी छवि का निर्माण करने का प्रयास करते है जिसे आधुनिक तकनिकी ज्ञान है और आप लोगों की और उनके लाभों की परवाह करते हैं।

    सर्वे फॉर्म के छठे प्रश्न हेतु व्यावहारिक सुझाव

    जब सर्वे के दौरान इस प्रश्न की बारी आती है, "क्या आपको एलआईसी के NACH सिस्टम की जानकारी है और आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं?", तो यह सिर्फ एक सवाल भर नहीं है, बल्कि एक एलआईसी अभिकर्ता के लिए लोगों का विश्वास जीतने का एक सुनहरा मौका है।

    यह तकनिकी से जुड़ा हुआ सवाल है और सामन्यतया लोग तकनिकी सवालों पर झिझक महसूस करते हैं। इसलिए यहाँ पर आपकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, इस प्रश्न के लिए आपका मुख्य कार्य होता है कि आप लोगों को बहुत ही आसान और उनके समझने योग्य भाषा में, इस विषय को समझाएं।

    कैसे पूछे यह सवाल

    सर्वे के दौरान इस प्रश्न को एक खानापूर्ति न बनायें, बल्कि प्रश्न को पूछते समय आपके शब्दों में अपनापन और मददगार अंदाज प्रभावी होना चाहिए। उदाहरण के तौर पर आप इस सवाल को कुछ इस तरह से पूछ सकते हैं -

    "सर/मैडम, आजकल एलआईसी ने अपने पॉलिसीधारकों के लिए एक बहुत ही लाभप्रद व्यवस्था शुरू की है, जिसे NACH सिस्टम कहा जाता है। इसमें आपका प्रीमियम अपने आप एक निश्चित समय पर आपके बैंक खाते से कट जाता है और आपके पॉलिसी की प्रीमियम जमा हो जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि आपकी पॉलिसी कभी लैप्स नहीं होती और आपको आपके पॉलिसी के सभी लाभ मिलते रहते हैं। तो क्या आप इस जानकारी को प्राप्त करना चाहेंगे?"

    जब आप इस सवाल को कुछ इस तरह से रखते हैं तो लोग महसूस करते हैं कि आप उन्हें उनके फायदे के बारे में कुछ जानकारी देना चाहते हैं, न कि किसी पॉलिसी को खरीदने के लिए विवश करना चाहते हैं।

    NACH को सरल भाषा में समझाएं

    जब आप लोगों से उपरोक्त प्रश्न पूछते हैं और वह इसके बारे में जानना चाहते हैं तो आपके लिए हमारा सुझाव होगा कि लोगों को समझाने के लिए तकनिकी शब्दों का प्रयोग न करें, बल्कि आप कुछ इस तरह समझा सकते हैं

    "सर/मैडम, NACH का मतलब है कि आपको अपने एलआईसी पॉलिसी की प्रीमियम जमा करने के लिए बार-बार एलआईसी के शाखा कार्यालय, आपके एजेंट अथवा ऑनलाइन पोर्टल पर जाने की जरुरत नहीं होती है। बल्कि एक बार आपको फॉर्म भरना होता है, इसके बाद समय पर प्रीमियम अपने आप बैंक खाते से कट जाएगी।

    यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित होता है, क्योकि यह सिस्टम NPCI के द्वारा ही चलाया जाता है। यह वही संस्था है जो UPI एवं आधार भुगतान को संभालती है।"

    इसके बाद आप लोगों को इसके दो लाभों को बता सकते हैं। पहला यह कि अगर पॉलिसी NACH सिस्टम से लिंक होती है तो पॉलिसीधारक को प्रीमियम ड्यू याद रखने की जरुरत नहीं होगी, समय पर प्रीमियम अपने आप जमा हो जाएगी। दूसरी यह कि पैसों की लेन-देन सीधे बैंक खाते और एलआईसी के बीच होती है, तो किसी बिचौलिए की जरुरत नहीं पड़ती।

    निष्कर्ष:

    एलआईसी अभिकर्ता के रूप में आपकी सफलता का वास्तविक आधार यह नहीं है कि आप कितना बेहतरीन ज्ञान रखते हैं, बल्कि यह है कि आप अपनी बातों को सरलतम तरीके से लोगों को कैसे समझा पाते है।

    सर्वे फॉर्म का यह प्रश्न न सिर्फ सर्वे के लिए उपयोगी है बल्कि इस एक प्रश्न से आप अपने पुराने पॉलिसीधारकों को भी अपडेट कर सकते हैं। यह आपके पॉलिसीधारकों के लिए भी उपयोगी है और आपके लिए भी।

    याद रखिये, वर्तमान में अगर आप जीवन बीमा क्षेत्र का विश्लेषण करें तो आप यह पाएंगे कि जो अभिकर्ता अपने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान देता है, वही भविष्य में सफल अभिकर्ता बनता है।

    17 अक्टूबर 2025

       

    एलआईसी सर्वे फॉर्म की जानकारी: नेफ्ट विवरण

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    क्या आप भारतीय जीवन बीमा निगम में एक अभिकर्ता के रूप में बीमा कारोबार कर रहे हैं, यदि ऐसा है तो आप जानते ही होंगे कि आज के इस प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ पॉलिसी बेचना काफी नहीं है, बल्कि अब समय है नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए बीमा कारोबार को बढ़ाने का। आज के इस दौर में, आप यह कार्य एलआईसी के सर्वे फॉर्म की मदद से बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। आपके लिए यह एक ऐसा टूल हो सकता है जो न केवल आपके मौजूदा ग्राहकों से आपके व्यवसायिक रिश्तों को मज़बूत कर सकता है, बल्कि नए ग्राहकों तक आपकी पहुंच को भी आसान बना सकता है।

    एलआईसी एजेंटो के लिए यह फॉर्म एक शानदार मार्केटिंग रणनीति की तरह काम कर रहा है। आप इसकी मदद से ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और फिर उनकी मदद करके, उनके साथ अपने रिश्ते बेहतर कर सकते हैं। जो जीवन बीमा कारोबार के लिए एक अभिकर्ता की सबसे बड़ी ताकत होती है।

    जीवन बीमा बाजार के इस लेख में हम एलआईसी सर्वे फॉर्म पांचवें प्रश्न- “क्या आपकी सभी पॉलिसियां NEFT से जुड़ी हैं?” को विस्तार से समझेंगे। संभव है, यह सवाल आपको काफी साधारण प्रतीत हो, लेकिन सही तरीके से पूछे जाने पर यह सवाल आपको आपके बीमा कारोबार को बढ़ाने के नए अवसर खोल सकता है। तो आइये, इस छोटे से प्रश्न के पीछे छिपे हुए बड़े फायदों को गहराई से समझते हैं।

      प्रश्न का उद्देश्य

      इस प्रश्न का मुख्य उदेश्य ग्राहक की भुगतान प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और आसान बनाना है। NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रांसफर) के माध्यम से, एलआईसी अपने ग्राहकों की पॉलिसियों का भुगतान सीधे उनके अपने बैंक खातों में कर देता है।

      लेकिन वास्तविकता यह भी है कि आज भी कई ग्राहकों की पॉलिसियां NEFT से लिंक नहीं हैं। यह स्थिति एलआईसी अभिकर्ताओं के लिए एक अवसर हो सकती है। जब आप अपने क्षेत्र के लोगों से यह प्रश्न पूछ रहे होते हैं, तो आप न केवल उनको इस सुविधा के बारे में बता रहे होते हैं, बल्कि आप यह भी दर्शा रहे होते हैं कि आप उनकी चिंता और परवाह करते हैं।

      यानि एक एलआईसी अभिकर्ता के लिए सर्वे में शामिल होने पर, इस प्रश्न का मुख्य उदेश्य अपने क्षेत्र के लोगों को यह एहसास दिलाना है कि आप उनकी चिंता और परवाह करते हैं।

      सर्वे फॉर्म का पांचवा प्रश्न: ग्राहक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण

      अगर आप अपने क्षेत्र के लोगों के मन में यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो जाते हैं कि आपका उदेश्य लोगों को अधिक से अधिक बीमा बेचना और पैसे कमाना नहीं है, बल्कि आप वास्तव में उनके लिए एक ऐसे वित्तीय सलाहकार हैं जो उनके हित के बारे में सोचता है तो आप बहुत ही आसानी से सफल हो सकते हैं।

      जब आप सर्वे के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों से यह प्रश्न पूछते हैं- "क्या आपकी सभी पॉलिसियाँ NEFT से जुड़ी हैं?”, तब आपके ग्राहक के मन आप यह भाव पैदा करने का प्रयास करते हैं कि

      • आप उनके पैसो की सुरक्षा के बारे में सोच रहे हैं।
      • आप उन्हें एलआईसी की नई तकनीक और प्रक्रियाओं के अपडेट करने का प्रयास कर रहे हैं।
      • आप यह विश्वास दिलाने की कोशिस करते हैं कि जहा दूसरे एलआईसी अभिकर्ता, किसी भी तरह से बीमा पॉलिसी के विक्री का उदेश्य रखते हैं, वहीं पर आप उनके हित और उनके लाभ को सर्वोपरी रखतें हैं।

      इस तरह, यह प्रश्न एक छोटा सा प्रश्न, आपकी छोटी सी बातचीत को प्रभावशाली रिश्ते को विकसित करने का माध्यम बन जाता है और भविष्य में यह रिश्ता आपके लिए क्रॉस-सेलिंग और रेफरल्स-सेलिंग के दरवाजे खोल सकता है।

      एलआईसी सर्वे फॉर्म का पांचवा प्रश्न: ग्राहक को NEFT से लाभ

      मुझे यकीन है कि जब आप सर्वे फॉर्म में इस पांचवें प्रश्न को पढ़ते है, तो पहली नजर में यह आपको बहुत साधारण लग सकता है और आप यह सोच सकते हैं कि इस प्रश्न की वजह से आपको कोई लाभ होने वाला नहीं है। लेकिन जब आप इस पर गहराई से विचार करते हैं तो आपको आपके लिए नई संभावनाए दिखने लगती हैं।

      लेकिन अब आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि सर्वे के दौरान इस प्रश्न के लिए एक प्रभावशाली चर्चा कैसे की जा सकती है? तो जब आप किसी सर्वे में होते हैं तो इस प्रश्न को पूछने के साथ ही, आपको लोगों को यह समझाना होगा कि अगर उनकी एलआईसी पॉलिसी NEFT से लिंक होती है, तो उन्हें क्या लाभ मिल सकता है। आप लोगों से निम्नलिखित बिंदुओं पर बातचीत कर सकते हैं।

      • सीधा भुगतान: एलआईसी की पॉलिसियां जब NEFT से जुडी होती हैं, तो एलआईसी ऐसी पॉलिसियों का भुगतान सीधे बैंक खाते में कर देती है। पॉलिसीधारकों को चेक अथवा ड्राफ्ट का इंतज़ार नहीं करना होता है।
      • तेज एवं सुरक्षित प्रक्रिया: अगर कोई पॉलिसी NEFT से लिंक नहीं होती है, तो एलआईसी ऐसी पॉलिसियों के लिए चेक अथवा बैंक ड्राफ्ट जारी कर सकती है और पोस्ट ऑफिस के जरिये पॉलिसीधारक के पते पर भेजती है। इस प्रक्रिया में देरी और गलत पते पर डिलवरी की संभावना बनी होती है। जबकि अगर पॉलिसी NEFT से लिंक होती है, तो भुगतान निश्चित समय पर पॉलिसीधारक के बैंक खाते में हो जाता है।
      • पारदर्शिता: जब एलआईसी से पॉलिसीधारक को उसका भुगतान सीधे उसके बैंक खाते प्राप्त होता है तो पॉलिसीधारक, इस तरह के सभी लेन-देन का रिकॉर्ड अपने बैंक खाते के स्टेटमेंट में जाँच कर सकता है।
      • सुविधा: ऐसी पॉलिसियां जो NEFT से लिंक नहीं होतीं, भुगतान के समय पॉलिसीधारक अधिक परेशान होता है। वह अपना पैसा पाने के लिए अपने एजेंट से बार-बार रिक्वेस्ट करता है कि वह उसका पैसा दिला दे या बैंको के चक्कर यह पता लगाने के लिए लगाता है कि उसके चेक का पैसा उसके बैंक खाते में जमा हुआ या नहीं।
      • विश्वसनीयता: एलआईसी भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है, जब पॉलिसीधारक अपने पॉलिसी को NEFT से लिंक कर देता है तो उसे यह विश्वास होता है कि समय पर उसका पैसा उसके बैंक खाते में जमा हो जायेगा।

      इस प्रकार, जब आप सर्वे के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों से इस प्रश्न को पूछते है और उपरोक्त लाभों को बताते हैं, तब आप अपने क्षेत्र के लोगों के मन में यह संदेश देते हैं कि आप जीवन बीमा विषय के जानकार और लोगों की मदद करने वाले अच्छे अभिकर्ता हैं।

      सर्वे फॉर्म के पांचवें प्रश्न हेतु व्यावहारिक सुझाव

      मैं अपने अनुभवों से यह कह सकता हूँ कि सर्वे के दौरान जब आप अपने क्षेत्र में अलग अलग लोगों से इस प्रश्न को पूछेंगे, तो अलग-अलग लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया मिलेगी। यहाँ पर एक महत्वपूर्ण एवं ध्यान में रखने वाली बात यह है कि इनमे से बहुत सारे ऐसे लोग भी हो सकते हैं, जो NEFT सिस्टम क्या होता है इस बारे में कुछ भी न जानते हों और वह आपको यह जाहिर न होने दें कि इस बारे में उन्हें नहीं पता है।

      एक सफल अभिकर्ता की यही पहचान होती है कि वह ऐसी सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लोगों से बातचीत करे और तय करे कि वह जो कुछ भी समझाना या बताना चाहता है, उसकी बातें लोगों को समझ में आ जाये और लोगों को यह भी एहसास न हो कि आप यह समझ रहे हैं कि उन्हें सम्बंधित विषय के बारे में पता नहीं है। यानि संभावित ग्राहकों को बिना निचा दिखाए अपनी बातों को स्पष्ट तरीके से समझा देना।

      अतः जब सर्वे के दौरान आप ग्राहक से यह प्रश्न पूछे तो आप उन्हें किसी सच्ची अथवा काल्पनिक घटनाओं के जरिये अपनी बातों को समझा सकते हैं। आप उन्हें कह सकते हैं-

      "मेरे एक मित्र सुधीर कुमार ने वर्ष 2019 में एलआईसी की एक पॉलिसी खरीदी थी। यह एक ऐसी पॉलिसी थी जिसमे उन्हें हर पांच साल में एलआईसी से भुगतान मिलने वाला था। लेकिन उन्हें NEFT सिस्टम के बारे में नहीं पता था।

      वर्ष 2024 में, एलआईसी ने उनके नाम से चेक जारी करके डाक के माध्यम से भुगतान कर दिया। जनवरी 2025 में इसी तरह के सर्वे के दौरान जब मैंने उनकी पॉलिसी चेक की, तो मैंने उन्हें बताया कि वर्ष 2024 में एलआईसी ने उन्हें एक लाख बीस हजार रूपये का भुगतान किया है। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें एलआईसी से कोई पैसा नहीं मिला है। बाद में जाँच करने पर पता चला कि उन्हें चेक मिला ही नहीं था और डाक विभाग ने उस चेक को शाखा कार्यालय में वापस भेज दिया था।

      जनवरी माह के लास्ट में मैंने उनकी पॉलिसी को नेफ्ट से लिंक करवा दिया और उसके दूसरे दिन ही उनका पूरा पैसा एलआईसी ने उनके बैंक खाते में जमा कर दिया। सबसे कमाल की बात यह है कि अब जब उन्हें अगला भुगतान मिलने वाला होगा, तब उनको कुछ भी नहीं करना होगा, एलआईसी स्वतः ही उनका पैसा उनके खाते में जमा कर देगी।"

      तो जब आप उपरोक्त तरह के उदाहरण अथवा घटना के जरिये ग्राहक को समझाते हैं तो ग्राहक यह भी समझ जाता है कि NEFT सिस्टम क्या होता है और यदि वह अपनी पॉलिसी को इस सिस्टम से लिंक करता है, तो उसे क्या लाभ होगा।

      सर्वे फॉर्म का पांचवा प्रश्न: एजेंट के सफलता का दरवाजा

      अब आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि एलआईसी सर्वे फॉर्म का पांचवा प्रश्न आपके लिए जरुरी क्यों है? वास्तव में यह प्रश्न एक एलआईसी अभिकर्ता के रूप में इसलिए बेहद जरुरी हो जाता है, क्योकि आप इस प्रश्न को पूछकर निम्नलिखित चरण को पूरा करते हुए अपने बीमा कारोबार को बेहतर कर पाते हैं-

      • ग्राहक डेटा अपडेट:

        जब आप सर्वे के दौरान लोगों से इस प्रश्न को पूछते हैं, तो उनकी प्रतिक्रियाओं से आपको यह पता चलता है कि उनकी पॉलिसियां NEFT से लिंक हैं या नहीं। कई ऐसे लोग, जो असमंजस की स्थिति में होते हैं वह आपसे जानने का प्रयास करते हैं कि आप यह बता दें कि उनकी पॉलिसी में NEFT लिंक है या नहीं।

        ऐसी स्थिति में, आप ऐसी पॉलिसियों का रिकॉर्ड रख सकते हैं। उन पोलिसीधारको का रिकॉर्ड रख सकते हैं। इस रिकॉर्ड की मदद से आप लोगों की उनके जीवन बीमा पॉलिसी के लिए भविष्य में मदद कर सकते हैं।

      • प्रोएक्टिव सर्विस प्रदान करना:

        जब आपके पास पॉलिसीधारकों का और उनके जीवन बीमा पॉलिसी का डाटा उपलब्ध होता है तो आप उन्हें विभिन्न तरह की सेवाओं में शामिल कर सकते हैं, जैसे- प्रीमियम रिमाइंडर सर्विस, इनकम टैक्स सर्टिफिकेट, विभिन्न तरह के भुगतानों से पूर्व अपडेट करना इत्यादि। ऐसा करने से, आपकी after-sale service को मजबूती मिलती है।

      • कम्युनिकेशन का अवसर:

        एक बार सर्वे समाप्त होने के बाद, आपको अपने क्षेत्र के लोगों से बार-बार मिलने की जरुरत होती है ताकि भविष्य में आप उन्हें, उनके परिवार में अथवा उनसे रेफेरल प्राप्त करके अपनी बीमा बिक्री को मज़बूत कर सकें। आफ्टर सेल सर्विस प्रदान करके आपको आपके क्षेत्र के लोगों से बार-बार कम्युनिकेशन के अवसर मिलते हैं।

      • क्रॉस-सेलिंग के अवसर:

        कम्युनिकेशन के दौरान आपको कई अवसर ऐसे मिलते हैं जब आप अपने क्षेत्र के लोगों को यह भरोषा दिला पाते है कि उनके लिए एलआईसी की पॉलिसी बेहतर है और आप पॉलिसी विक्री में सफल होते हैं।

        कई बार आपको ऐसे अवसर भी मिलते हैं जब ग्राहक को उसके पॉलिसी से कोई भुगतान मिलने वाला होता है। यह वह अवसर होता है जब वास्तव में ग्राहक को बीमा योजनाओं के ताकत का एहसास होता है और वह एलआईसी के प्रति उत्साहित भी होता है। मैं अपने अनुभव से यह कह सकता हूँ कि यदि इस समय आप सही तरीके से प्रयास करते हैं तो आपके लिए बीमा विक्री काफी आसान हो जाती है।

      निष्कर्ष

      अभिकर्ताओं के लिए एलआईसी सर्वे फॉर्म का प्रत्येक प्रश्न लोगों से जुड़ने का नया अवसर प्रदान करता है। इन प्रश्नो का सही तरीके से उपयोग करके आप आपके क्षेत्र के लोगों के मन में अपनी प्रोफेशनल छवि बना सकते हैं और अपने कारोबार के लिए बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

      अंत में, मैं आपसे यही कहूंगा कि अगर आप वास्तव में अपने बीमा कारोबार को बेहतर करना चाहते हैं, तो सर्वे फॉर्म के इस पुरे कोर्स को पूर्ण करें और यहाँ पर दी गई जानकारी का उपयोग करके देखें। मैं यह दावे से कह सकता हूँ कि ऐसा करके आप अपने कारोबार में मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

      26 अगस्त 2025

         

      एलआईसी सर्वे फॉर्म की जानकारी: पता परिवर्तन प्रश्न

      Read in English »

      यदि आप भारतीय जीवन बीमा निगम में एक एजेंट के रूप में कारोबार कर रहे हैं, तो आपने यह जरूर सुना होगा कि एलआईसी सर्वे फॉर्म आपके बीमा कारोबार को बेहतर बनाने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसकी सहायता से आप एक ओर नए ग्राहकों से अपने व्यवसायिक रिश्ते बेहतर कर सकते हैं बल्कि खुद की प्रोफेशनल छवि का निर्माण भी कर सकते हैं।

      जीवन बीमा बाजार की इस विशेष श्रृंखला में हम एलआईसी सर्वे फॉर्म के सभी प्रश्नों के बारे में विस्तार से समझ रहे हैं। आज के इस लेख में हम इसके चौथे प्रश्न - "क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?" के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

      एलआईसी एजेंट के रूप में आपको यह प्रश्न सामान्य लग सकता है, लेकिन यदि आप अपने ग्राहकों से इसी प्रश्न को सही तरीके से पूछते हैं, तो यह आपके लिए बीमा कारोबार बढ़ाने हेतु नए अवसर एवं मजबूत ग्राहक सम्बन्ध दोनों पैदा कर सकता है। तो आइये समझते हैं कि इस साधारण से दिखने वाले प्रश्न के पीछे इतनी बड़ी संभावनाएं कैसे छिपी हुई है।

        सर्वे फॉर्म के चौथे प्रश्न का उद्देश्य

        एलआईसी सर्वे फॉर्म का चौथा प्रश्न है, “क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?” यह प्रश्न देखने में सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन इसका उदेश्य एजेंट और ग्राहक दोनों के लिए बहुत अधिक लाभप्रद होता है।

        वास्तव में, इस सर्वे का मुख्य उदेश्य यह है कि एक एजेंट अपने क्षेत्र के अधिकतम लोगों को उनके एलआईसी पॉलिसी से जुडी महत्वपूर्ण दे सके। जब कोई ग्राहक अपने एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट नहीं कराता है, तो भविष्य में उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जैसे लंबित भुगतान की सूचना का समय पर न मिलना, बोनस एवं क्लेम से जुडी जानकारियों का छूट जाना इत्यादि। ऐसे में अगर कोई एजेंट सर्वे के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों को यह प्रश्न पूछकर उनके पॉलिसी में एड्रेस अपडेट के महत्व को समझाता है, तो लोगों में यह भरोसा होगा कि एजेंट वास्तव में उनकी मदद कर रहा है।

        इसके दो प्रमुख लाभ होते हैं-

        • ग्राहक का भरोसा बढ़ता है - जब ग्राहक को जानकारी उपलब्ध कराते हैं, तो आपका ग्राहक यह महसूस करने लगता है कि एलआईसी और उसके एजेंट उसकी पॉलिसी का सही तरीके से ख्याल रख रहे हैं।
        • एजेंट के भविष्य का कारोबार बढ़ता है - ऐसा देखा गया है कि सर्वे के जरिये लोगों की मदद करने वाले एजेंटों का कारोबार तेजी से बढ़ता है। वास्तव में ऐसा सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि लोग उस एजेंट का अपना हितैषी मानने लगते हैं और यह भी महसूस करते हैं कि वह एक प्रोफेशनल एजेंट है। परिणाम स्वरूप, भविष्य में खुद भी उसी एजेंट से जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते है और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।

        इस प्रश्न का मुख्य उदेश्य यही है कि एजेंट अपने ग्राहक को यह भरोसा दिलाये कि अगर उसके एलआईसी पॉलिसी में उसका पता अपडेट रहता है, तो जरूरत पड़ने पर एलआईसी उसकी पॉलिसी से जुड़ा भुगतान अथवा सूचना सीधे उसके घर तक पहुंचा सकती है। वास्तव में, एलआईसी ने कई बार लंबित भुगतानों को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए इसी तरीके को अपनाया है। यही भरोसा आगे चलकर ग्राहक और एजेंट के व्यवसायिक रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है और एजेंट के बीमा कारोबार में अवसरों को बढ़ावा देता है।

        ग्राहक से सर्वे फॉर्म का चौथा सवाल कैसे पूछे

        यह जानना बेहद जरूरी है कि सर्वे के दौरान आप ग्राहक से एलआईसी सर्वे फॉर्म के चौथे सवाल को कैसे पूछे और ऐसा करते समय आपको प्रश्न की व्याख्या कैसे करनी चाहिए। इसके बाद, लेकिन सर्वे से पूर्व ही आपको यह आकलन भी कर लेना चाहिए कि आपके द्वारा इस प्रश्न को पूछे जाने पर आपके ग्राहक की प्रतिक्रिया क्या होगी और हर संभावित प्रतिक्रिया के लिए आपकी रणनीति क्या होगी।

        आइये फ़िलहाल के लिए हम यह समझते हैं कि सर्वे के दौरान आपको अपने ग्राहक से यह सवाल कैसे पूछना चाहिए। तो इसके लिए मेरा सुझाव होगा कि इस प्रश्न को यथावत पढ़ना ही उचित रहता है- "क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?"

        वास्तव में इस प्रश्न में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो जटिल हो और आपके ग्राहक को समझ न आये। तो इस प्रश्न को समझाने की जरूरत तो नहीं होती है। लेकिन हाँ, इस इस विषय-वस्तु के महत्व और गंभीरता को समझाना बेहद जरूर है। यह कार्य आप कुछ इस तरह से कर सकते हैं-

        "सर, सामान्यता एलआईसी की पालिसियां एक लम्बी अवधि के लिए खरीदी जाती है। एक ग्राहक जब पॉलिसी खरीदता है, तो प्रपोजल फॉर्म में अपना पत्राचार का पता और स्थाई पता दर्ज करवाता है और यही पता उसके पॉलिसी में दर्ज रहता है। एलआईसी अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करती है कि वह जब भी चाहे, अपने पते को और खास तौर से पत्राचार के पते को अपडेट करवा सकती है।

        लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि ग्राहक कई कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो जाता है, लेकिन अपने एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट नहीं करवाता है।

        समय-समय पर, भारत सरकार और आईआरडीए के दिशानिर्देशों के अनुसार निगम को ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, बीमा पालिसियों में परिवर्तन कर सकती है और ऐसा होने पर ग्राहक की पालिसियों पर इसका असर हो सकता है। अब यदि एलआईसी में ऐसे परिवर्तन होते हैं, तो इसकी सूचना एलआईसी पत्राचार के द्वारा ग्राहक को करती है।

        एलआईसी कई बार ग्राहकों के पालिसियों के प्रीमियम की सूचना, सहभागिता हित लाभ की सूचना और कुछ दावे (जैसे मृत्यु दावा) पर लिए गए निर्णयों की सूचना भी पत्राचार के माध्यम से ग्राहक को पहुंचाती है।

        ऐसे में अगर आपके एलआईसी की पॉलिसी में आपके पत्राचार का पता अपडेट नहीं रहता है, तो निगम के द्वारा पत्राचार के माध्यम से भेजी जाने वाली जरूरी सूचना आपको नहीं मिल पायेगी और सम्भव तया आपको भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

        इसलिए एक जीवन बीमा सलाहकार के तौर पर आपके लिए मेरी यही सलाह होगी कि एक बार आप अपने पॉलिसी की जाँच जरूर कर लें और बताएं कि क्या आप अपनी एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट करवाना चाहते हैं।"

        मुझे लगता है कि जब आप उपरोक्त तरीके से ग्राहक को उसके पॉलिसी के लिए पते को समझाते हैं, तो वह यह महसूस कर पाता है कि उसके जीवन बीमा पालिसियों में पत्राचार के पते का अपडेटेड रहना कितना अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह एक ऐसा तरीका है जिसके जरिये न केवल आप ग्राहक को पते के महत्व को समझाते हैं, बल्कि ग्राहक के मन में अपनी प्रोफेशनल छवि का निर्माण भी कर पाते हैं।

        ग्राहक की प्रतिक्रिया

        सर्वे के दौरान जब आप ग्राहक को उसके एलआईसी पॉलिसी के लिए पते का क्या महत्व होता है, यह समझा देते हैं तो ग्राहक पूरी समझदारी के साथ अपने जीवन बीमा पॉलिसी के दस्तावेजों की जाँच कर सकता है और फिर दो प्रकार की प्रतिक्रिया दे सकता है।

        ग्राहक कह सकता है कि-

        • वह अपने एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट करवाना चाहता है।
        • या कह सकता है कि उसके पॉलिसी में उसका पता पहले से ही अपडेटेड है, इसलिए उसे पता अपडेट करवाने की कोई जरूरत नहीं है।

        जब ग्राहक का उत्तर "हाँ" हो

        सर्वे के दौरान जब आप ग्राहक से यह सवाल पूछते हैं तो अगर ग्राहक यह कहता है कि वह अपने एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट करवाना चाहता है तो अब ग्राहक के इस कार्य को कम्पलीट करने के लिए किसी भी रणनीति को अपनाने से पहले, आपके लिए हमारे कुछ सुझाव है।

        हमें यह पूरा भरोसा है कि अब तक आप ग्राहक के स्वभाव से परिचित हो चुके होंगे और अगर आप पुराने अभिकर्ता हैं, तो आपको यह अनुमान तो हो ही गया होगा कि ग्राहक के साथ आपके बिक्री की सम्भावनाएं क्या हो सकती हैं। तो किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको यह बात ध्यान में रखना चाहिए।

        दूसरी महत्वपूर्ण बात, जिसपर आपको विचार करना चाहिए कि वर्तमान समय में आपकी व्यस्तता क्या है और इन दोनों ही बातों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। आइये अब समझते है कि एक जीवन बीमा एजेंट के तौर पर आपको क्या करना चाहिए।

        अब जैसा कि आप जानते ही हैं, जीवन बीमा पालिसियों में पता परिवर्तन कराने के लिए ग्राहक को एक एप्लीकेशन लिखना होता है और एक साक्ष्य के साथ इसको सम्बंधित शाखा कार्यालय में जमा करना होता है। ऐसे में, आपको चाहिए कि पता परिवर्तन के लिए एप्लीकेशन लिखें और उसपर ग्राहक के हस्ताक्षर करवा लें।

        अब अगर आपके पास समय है, तो आप ग्राहक से कह सकते हैं कि जल्द ही आप ग्राहक के इस कार्य को पूर्ण करवाकर, फिर से ग्राहक से सम्पर्क करेंगे और इसके बारे में सूचित करेंगे। फ़िलहाल मेरा सुझाव यही होगा कि आपको यही रास्ता अपनाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपको ग्राहक के साथ व्यवसायिक सम्बन्ध विकसित करने में मदद मिलेगी।

        लेकिन यदि आपको किसी भी तरह से बिक्री संभावनाएं नहीं दिखती, तो फिर मेरा सुझाव होगा कि आप ग्राहक को पता परिवर्तन की प्रक्रिया समझा दें। ताकि आपका सामान्य नुकसान न हो।

        जब ग्राहक का उत्तर "नहीं" हो

        सर्वे के दौरान बहुतायत लोग आपको ऐसे मिलेंगे, जिन्हें उनके जीवन बीमा पॉलिसी में पता अपडेट कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा होने पर आप अगले प्रश्न पर जा सकते हैं। लेकिन यदि आप खुद की प्रोफेशनल छवि विकसित करना चाहते हैं तो आपके लिए हमारी सलाह होगी कि ऐसा न करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि यही तो वह मौका है जब आपको बेहतर सिद्ध कर सकते हैं।

        आप ग्राहक से कह सकते हैं, "सर, मैं आपसे अपने दिल की एक बात कहना चाहता हूँ और आपसे एक विनम्र अनुरोध भी करना चाहता हूँ। दिल की बात यह है कि मेरे लिए एलआईसी, सिर्फ मेरा कारोबार नहीं है बल्कि मैं इसको ईश्वर का दिया हुआ वरदान मानता हूँ। ऐसा इसलिए, क्योंकि एलआईसी मुझे मौका देती है कि मैं इसकी मदद से समाज की सेवा कर सकूँ।"

        फिर अपनी बात को कुछ इस प्रकार से आगे बढ़ाएं- "सर, मैं अपने क्षेत्र के सभी लोगों के लिए यह चाहता हूँ कि किसी भी ग्राहक की पॉलिसी में कोई समस्या न हो। लेकिन मैं अकेले हर किसी तक नहीं पहुंच सकता हूँ। इसलिए आपसे यह विनम्र अनुरोध करता हूँ कि जहाँ तक संभव हो सके, यह जानकारी आप अपने साथी दोस्तों को भी जरूर दें।"

        अब बारी है नए लोगों तक अपनी पहुंच बनाने की, तो अब आप कह सकते हैं- "सर, अगर आपको लगता है कि आपके किसी दोस्त को मेरे मदद की जरूरत है, तो आप बिना किसी संकोच के उसे मेरे बारे में बता सकते हैं।"

        निष्कर्ष

        एलआईसी सर्वे फॉर्म का चौथा प्रश्न एलआईसी एजेंट के लिए एक बेहतरीन मौका है। आप इस मौके को एक सामान्य सा प्रश्न मानकर नजरअंदाज कर सकते हैं या फिर इस प्रश्न को अवसर मानकर, ग्राहक के मन में अपनी बेहतर जगह बना सकते हैं और अपनी प्रोफेशनल छवि का निर्माण कर सकते हैं।

        एक ट्रेनर एवं शुभचिंतक के तौर पर आपके लिए मेरी यही सलाह होगी कि आप अपने क्षेत्र में सर्वे करें। यह आपके क्षेत्र के लोगों को जागरूक करेगा और आपके कारोबार को बेहतर बनाने के लिए सफलता के दरवाजे खोल देगा। एलआईसी सर्वे फॉर्म के पांचवें प्रश्न को समझने के लिए नीचे दी हुई "अगला पेज" बटन पर क्लिक करें।

        20 अगस्त 2025

           

        एलआईसी सर्वे फॉर्म की जानकारी: डेथ क्लेम प्रश्न

        Read in English »

        साथियों, जैसा की आप जानते हैं हम एलआईसी के सर्वे फॉर्म के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और आज हम "जीवन बीमा बाजार" के इस लेख के माध्यम से सर्वे फॉर्म के तीसरे प्रश्न "क्या आपको किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके नॉमिनी को उनकी एलआईसी पॉलिसी का भुगतान नहीं मिला है?" के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

        यदि आप एलआईसी एजेंट हैं और सर्वे के माध्यम से आप खुद को अपने क्षेत्र में न केवल प्रोफेशनल सलाहकार के रूप में स्थापित करना चाहते है बल्कि खुद के जीवन बीमा कारोबार को भी बेहतर बनाना चाहते हैं तो आपको सर्वे फॉर्म के इस प्रश्न को पूछने की शैली, इस प्रश्न की व्याख्या को पहले समझना होगा। इसके बाद, ग्राहक के संभावित सभी प्रतिक्रियाओं का सर्वे पूर्व आकलन करना होगा और यह तय करना होगा कि ग्राहक के प्रत्येक संभावित प्रतिक्रिया पर आपको किस तरह की रणनीति अपनाना है।

        हालाँकि उपरोक्त प्रश्न साधारण दृष्टि में, बहुत ही सामान्य नजर आता है। लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं, क्योंकि सिर्फ इस एक प्रश्न की मदद से आप ग्राहक को यह एहसास दिला सकते हैं कि आप उसके हितैसी हैं और आप उसकी मदद करना चाहते है। सर्वे प्रक्रिया में अगर आप ऐसा करने में सफल होते हैं, तो विश्वास करें आप अपने व्यावसायिक भविष्य को बेहतर बनाने की सही दिशा में कार्य कर रहे हैं।

          सर्वे फॉर्म के तीसरे सवाल का उदेश्य

          एलआईसी सर्वे फॉर्म का तीसरा सवाल है, "क्या आपको किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके नॉमिनी को उनकी एलआईसी पॉलिसी का भुगतान नहीं मिला है?"

          जब आप ग्राहक से यह सवाल पूछते हैं, तो वास्तव में आप यह जानना चाहते हैं कि क्या ग्राहक के जानकारी में कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसने एलआईसी से कोई जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी है और पॉलिसी अवधि के दौरान उसकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन एलआईसी से उसके नॉमिनी को अभी तक मृत्यु दावे का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है।

          याद रखें: आप सर्वे में हैं, और आपका उदेश्य ग्राहक को यह विश्वास दिलाना है कि एलआईसी उसके लिए सबसे बेहतर जीवन बीमा कंपनी है। एक अभिकर्ता के तौर पर, आपने भी कुछ लोगों को ऐसा कहते सुना होगा, "जीवन बीमा पॉलिसी खरीदना आसान है, लेकिन बीमा का पैसा लेना काफी मुश्किल"

          सर्वे फॉर्म के इस प्रश्न को पूछकर, आप ग्राहक के इस विचारधारा को बदल सकते हैं और यह विश्वास दिला सकते हैं कि एलआईसी से जीवन बीमा पॉलिसी खरीदना जितना आसान है, उतना ही आसान एलआईसी से विभिन्न प्रकार के दावों का भुगतान प्राप्त करना भी है। वास्तव में, सर्वे फॉर्म में इस प्रश्न को शामिल करने का यही उदेश्य है।

          सर्वे फॉर्म का तीसरा सवाल कैसे पूछें

          एक ट्रेनर के तौर पर, मैं अपने सभी अभिकर्ताओं को यही समझाता हूँ कि जब भी आप अपने कार्यक्षेत्र में होते हैं और आप अपने ग्राहकों से बातचीत कर रहे होते हैं तो आपको एलआईसी के कठिन शब्दों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। क्योंकि, ऐसे शब्दों से आप सहज हो सकते हैं, आपका ग्राहक नहीं।

          उदाहरण के लिए: डेट ऑफ़ कमिसमेंट, सर्वाइवल बेनिफिट, एसाइनमेंट, राइडर एवं अन्य बहुत सारे ऐसे शब्द हैं जिनको आप भलीं-भांति समझते हैं। लेकिन संभव है कि आप जिस ग्राहक से बातचीत कर रहे हों, उसे ऐसे शब्दों का मतलब न पता हो।

          याद रखिये, अगर आपकी बातचीत में आपके शब्द आपके ग्राहक को समझ नहीं आते, तो हो सकता है आपका ग्राहक आपको यह न बताये कि उसे किस बात का मतलब समझ नहीं आ रहा है और यदि ऐसा होता है, तो आपकी सारी मेहनत बेकार हो सकती है। अब चाहे वह सर्वे के दौरान आपके द्वारा किया जाने वाला प्रयास हो अथवा किसी नई जीवन बीमा पॉलिसी की विक्रय प्रक्रिया के लिए किया जाने वाला प्रेजेंटेशन।

          अतः जब आप सर्वे के दौरान एलआईसी सर्वे फॉर्म के इस प्रश्न को ग्राहक के सामने प्रस्तुत करते हैं, तो सबसे पहले आपको यह सवाल यथावत रखना चाहिए। इसके बाद थोड़ा रुककर ग्राहक को सरल शब्दों में समझाना चाहिए-

          "क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते है जिसने एलआईसी से कोई पॉलिसी खरीदी हो और उसकी मृत्यु हो जाने के बाद, उसके परिवार को एलआईसी से पॉलिसी का पैसा न मिला हो।"

          इस सवाल पर ग्राहक की प्रतिक्रिया

          अब जब आप ग्राहक से सवाल पूछ चुके होते हैं, तो आपको शांत हो जाना चाहिए। अगर ग्राहक कुछ सोच रहा हो तो उसको विचार करने दीजिये। लेकिन इंतज़ार कीजिये, ताकि वह जवाब दे सके। अगर ग्राहक दो से तीन मिनट तक नहीं बोलता है तब एक बार पुनः अपने सवाल को दोहरा दीजिये, लेकिन ग्राहक को जवाब देने दीजिये।

          एक बार फिर से, लेकिन जोर देकर कहूंगा कि ग्राहक से प्रश्न पूछने के बाद आपको तब तक शांत हो जाना चाहिए जब तक कि ग्राहक जवाब नहीं दे देता। ग्राहक पांच से सात मिनट का समय ले सकता है। याद रखिए, सवाल पूछने के बाद आपकी शांति ही आपकी सफलता की कुंजी है।

          ग्राहक तुरंत अथवा कुछ इंतज़ार के बाद आपको जवाब दे सकता है। अलग-अलग ग्राहकों से आपको दो प्रकार के जवाब ही मिल सकते हैं।

          • पहला- वह किसी व्यक्ति को जानता हो जिसको एलआईसी से मृत्यु दावे का भुगतान न मिला हो।
          • दूसरा- वह किसी भी ऐसे व्यक्ति को न जानता हो।

          अब इन दोनों ही संभावनाओं के लिए आपको पूर्व में ही तैयार होना होगा और दोनों ही प्रतिक्रियाओं पर आपको इस प्रकार कार्य करना होगा, ताकि आप ग्राहक को प्रभावित कर सकें और यह एहसास दिला सकें कि वह एक प्रोफेशनल जीवन बीमा अभिकर्ता से बातचीत कर रहा है।

          सर्वे फॉर्म के तीसरे सवाल के लिए एजेंट की रणनीति

          सर्वे के दौरान चाहे आप जो कोई भी सवाल पूछे, हर सवाल के संभावित सभी जवाब के लिए आपके पास सटीक रणनीति होना बेहद जरुरी है। यहाँ सर्वे फॉर्म का तीसरा सवाल दावों से सम्बन्ध रखता है। अतः इसके लिए आपके पास सटीक और प्रभावशाली रणनीति होना बेहद आवश्यक है।

          जब आप ग्राहक से पूछते हैं कि क्या वह किसी ऐसे व्यक्ति को जानता जिसको सम्बंधित जीवन बीमा पॉलिसी से मृत्यु दावा प्राप्त हुआ है, तो ग्राहक के प्रतिक्रिया से आप असहज हो सकते हैं। लेकिन यहाँ पर ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि यदि पूर्व के दो सवालों को आपने ग्राहक से सही तरीके से डिसकस किया होगा, तो आपको इस सवाल में कठिनाई नहीं होगी।

          चलिए, अब इस प्रश्न के दोनों संभावित प्रतिक्रिया पर एजेंट के तौर पर आपके द्वारा अपनाने योग्य रणनीति को समझते है।

          जब ग्राहक का जवाब हाँ हो

          एक नए एजेंट के लिए यह कठिन हो सकता है, जब सर्वे के इस प्रश्न के उत्तर में ग्राहक कहता है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को जानता है, जिसके मृत्यु के बाद उसके परिवार को मृत्यु दावे का भुगतान नहीं मिला है।

          मैं मेरे अनुभव से कहना चाहता हूँ कि कई बार ऐसा होता है कि आपका सवाल मृत्यु दावे के संदर्भ में होता है, लेकिन ग्राहक किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में कह रहा होता है, जिसको सहभागिता हितलाभ, बीमा पॉलिसी लोन अथवा सरेंडर का भुगतान नहीं मिला होता है।

          मैं अपने अनुभवों से यह भी कह सकता हूँ कि जब आप यह सवाल ग्राहकों से पूछते हैं तो कुछ ग्राहक ऐसे भी होंगे, जो यह दावा तो करेंगे कि वह ऐसे कई लोगों को जानते हैं जिन्हे एलआईसी से मृत्यु दावे का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन उनका यह दावा सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर आधारित होगा। उनके पास इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं होगा।

          उपरोक्त कोई भी सम्भावना क्यों न हो, आपको ग्राहक की प्रतिक्रिया को गंभीरता से सुनना चाहिए। आइये एक संभावित दृश्य के साथ इस रणनीति को समझते है-

          मान लीजिये कि कोई ग्राहक आपसे कहता है कि हाँ, वह किसी ऐसे व्यक्ति को जानता है जिसके पिता की मृत्यु एक साल पहले हुई थी लेकिन आज तक उसको एलआईसी से पैसे नहीं मिले हैं। अब आपको क्या करना चाहिए

          उपरोक्त प्रतिक्रिया के बाद आपको निम्नलिखित कार्य करने चाहिए-

          • सबसे पहले ग्राहक की पूरी बात गंभीरता से सुने और सर्वे फॉर्म के इस प्रश्न के आगे बने हुए बॉक्स में सही का निशान लगा दें।
          • अब अपनी कोई एक डायरी निकाले और ऐसा करते हुए आप ग्राहक से कहें, "सर, मैं पिछले एक महीने (जितने भी समय से आप सर्वे कर रहे हों।) से मैं इस क्षेत्र में सर्वे कर रहा हूँ। इस सर्वे के दौरान मैंने बहुत सारे लोगों से मुलाकात की है। लेकिन मुझे ख़ुशी है कि आप मुझे ऐसे पहले व्यक्ति मिले हैं, जो यह बता रहे हैं कि किसी व्यक्ति को एलआईसी से मृत्यु दावे का भुगतान नहीं मिला है।"
          • अब अपनी डायरी खोल लें और नोट करते हुए ग्राहक से पूछें, "सर जिस व्यक्ति को आपकी जानकारी के अनुसार मृत्यु दावे का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है उसका नाम और पता बताएं, यदि आपके पास उनका कॉन्टेक्ट नंबर हो तो वह भी बताएं।"

            नोट- अगर ग्राहक नाम, पता और मोबाइल नंबर बताता है तो उसको अपने डायरी में नोट करें। सबसे पहले पूरा सर्वे पूर्ण करें और जब सर्वे पूर्ण हो जाये तो ग्राहक के सामने ही उसके द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल करके वास्तविक समस्या को समझने का प्रयास करें और यथासंभव सहयोग करें।

          • सर्वे फॉर्म के अगले सवाल पर जाने से पहले ग्राहक से जरूर कहें,
            "सर, वास्तव में एलआईसी में मृत्यु दावा पंजीकृत करने के बाद अधिकतम तीन से छः महीनो के अंदर मृत्यु दावे का भुगतान हो जाता है। कुछ मामलों में ग्राहक अपने पॉलिसी की प्रीमियम जमा नहीं किया होता है या उसने मृत्यु दावा प्रक्रिया पूर्ण नहीं की होती है। जिसके कारण पॉलिसी से मृत्यु दावा मिलने में विलम्ब होता है।"
            मैं यह वायदा करता हूँ कि मैं खुद इस परिवार से मिलूंगा और वास्तविक समस्या को समझने के बाद इनकी मदद करूँगा। मुझे यह पूरा भरोषा है कि अगर किसी समस्या के कारण दावा रुका होगा, तो उन्हें जल्द ही भुगतान मिल जायेगा।

          अगर ग्राहक सुनी-सुनाई बातों को आधार बनाकर बोलता है-
          ऐसी स्थिति में भी आपको सहज रहना चाहिए और ऐसे ग्राहकों को "जब ग्राहक का जवाब ना हो" में जो रणनीति दी गई है उसको अपनाना चाहिए।

          जब ग्राहक का जवाब ना हो

          मैं अपने अनुभव से कह सकता हूँ कि जब आप सर्वे के दौरान लोगों से इस प्रश्न को पूछते हैं, तो अधिकतम लोग आपसे यही कहेंगे कि उनकी जानकारी में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है, जिसे एलआईसी के पास कोई भी पैसा बकाया है।

          और जब भी आपको ऐसा जवाब मिलता है, तो यह आपके पास सुनहरा मौका है जब आप अपनी कंपनी अर्थात भारतीय जीवन बीमा निगम को अपने ग्राहक के लिए बेहतर बना सकते हैं। यहाँ पर आपको यह भी याद रखना चाहिए कि जब आप अपनी कंपनी को बेहतर बनाते हैं तो खुद के बारे में बिना कुछ कहे ही आप ग्राहक को यह समझाने में सफल होते हैं कि आप अपनी कंपनी के लिए और अपने ग्राहकों के लिए समर्पित प्रोफेशनल सलाहकार हैं।

          यहाँ पर आपके पास दो विकल्प हैं, जिसके जरिये आप अपने ग्राहक को प्रभावित कर सकते हैं। पहला तरीका यह हो सकता है कि आप ग्राहक को सामान्य वास्तविक स्थिति का परिचय देते हुए प्रभावित करें और दूसरा तरीका यह हो सकता है कि आप एलआईसी के वार्षिक डाटा के आधार पर ग्राहक को प्रभावित करें। चलिए अब इन दोनों ही तरीकों को समझते हैं।

          कुछ देर के लिए मैं आपको ही अपना ग्राहक मान लेता हूँ और अपनी बात रखता हूँ-

          • पहला तरीका:

            "सर, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि वर्तमान समय तक, बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने एलआईसी से जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी और उनकी पॉलिसी पूर्ण हो गई और उनको उनके जीवन बीमा पॉलिसी का अंतिम भुगतान भी मिल गया, लेकिन उन्हें निगम के शाखा कार्यालय के दरवाजे को नहीं पड़ा।

            ऐसा इसलिए, क्योकि जब पॉलिसी खरीदनी थी तो एलआईसी के अभिकर्ता (एजेंट), ग्राहकों से मिलकर पॉलिसी खरीदने में मदद की और जब भुगतान लेना था, तो उसी अभिकर्ता ने भुगतान प्राप्त करने में ग्राहक की मदद कर दी।

            वही पर, यदि आपको बैंको, पोस्ट ऑफिस एवं अन्य वित्तीय संस्थनो में खाता खोलना हो, पैसा जमा करना हो, कोई सर्विस एक्टिव अथवा डिएक्टिव कराना हो, भुगतान प्राप्त करना हो। हर कार्य के लिए आपको बैंको, पोस्ट ऑफिस अथवा संस्थनो के दरवाजे तक जाना होता है।

            हाँ, आज की तारीख में आप यह जरूर कह सकते हैं कि इंटरनेट के इस दौर में बहुत सारी बैंकिंग सुविधा मोबाइल पर उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद KYC और अन्य समस्याओं के लिए आपको बैंको तक जाना ही होगा। यहाँ पर उन लोगों के लिए सोचकर देखिये जो कम पढ़े-लिखे हैं या अनपढ़ हैं। जबकि हमारा एजेंट सभी तरह के ग्राहकों को सभी तरह की सुविधायें उनके घर तक पंहुचा देता है।

            हाँ यहाँ पर एक बात आप और कह सकते हैं कि प्राइवेट कंपनियों के एजेंट भी तो इस तरह की सेवाएं प्रदान करते हैं। तो सर, मैं यह कहना चाहता हूँ कि प्राइवेट कंपनियों में आपके पैसों के सुरक्षा के लिए आपके क्या विचार हैं। जबकि भारतीय जीवन बीमा निगम भारत सरकार का उपक्रम है और यहाँ पर आपके पैसों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार की गारंटी है।"

          • दूसरा तरीका:

            उपरोक्त पहले तरीके के बारे में आप हर किसी से बातचीत कर सकते हैं लेकिन दूसरा तरीका डाटा के आधार पर डिस्कस किया जा सकता हैं। इसके लिए आपके आईआरडीए की रिपोर्ट को अथवा एलआईसी द्वारा जारी किये गए आंकड़े के साथ ग्राहक से बातचीत करना चाहिए।

            आप ग्राहक को प्रमाण के साथ बता सकते हैं कि एलआईसी में पिछले वित्तीय वर्ष में कितने मृत्यु दावे रजिस्टर किये गए थे और एलआईसी ने कितने दावों का निपटारा कर दिया है। आपकी सुविधा के लिए एलआईसी द्वारा जारी किया गया 2023-24 का वार्षिक रिपोर्ट साझा किया जा रहा है। आप इसको डाउनलोड करके ग्राहक को दिखा सकते हैं। यह रिपोर्ट एलआईसी की ऑफिसियल वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

            यहाँ पर आपके लिए मेरा एक सुझाव और भी होगा कि एक बार आप हमारे पिछले पोस्ट जिसका टाइटल - "एलआईसी प्रोफाइल से ग्राहकों को प्रभावित करें" है, को विस्तार से जरूर पढ़ें।

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          निष्कर्ष

          एलआईसी सर्वे फॉर्म में तीसरा प्रश्न भले ही सरल लगे, लेकिन यह एलआईसी एजेंट के लिए ग्राहकों का विश्वास जीतने और एलआईसी की दावा निपटान प्रक्रिया को उजागर करने का एक प्रभावशाली तरीका है। ग्राहक चाहे हाँ या ना में उत्तर दे, यह आपको ऐसा मौका प्रदान करता है जब आप सही रणनीति बनाकर ग्राहक को प्रभावित कर सकते हैं।

          अंततः, यह प्रश्न केवल दावों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बारे में है कि एलआईसी विश्वास, सेवा और सुरक्षा का प्रतीक है और जब आप, एक एलआईसी एजेंट के रूप में, इसे आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ पूछते हैं, तो आप अपने ग्राहकों की वित्तीय भलाई के लिए समर्पित एक सच्चे पेशेवर जीवन बीमा सलाहकार साबित होते हैं।