एलआईसी एजेंट परीक्षा मॉक टेस्ट
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जीवन बीमा बाजार जीवन बीमा एजेंटों, फील्ड ऑफिसर्स और पॉलिसीधारकों के लिए एक उपयोगी प्लेटफॉर्म है। यहां आपको जीवन बीमा योजनाओं, पॉलिसी सर्विसिंग, संभावित ग्राहकों तक पहुंचने की तकनीक, आपत्ति प्रबंधन और उद्योग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं। हमारा लक्ष्य है बीमा पेशेवरों को सटीक जानकारी और उपयोगी संसाधन प्रदान करना, जिससे वे अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।
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जीवन बीमा कारोबार सिर्फ "पॉलिसी बेचने" का काम नहीं है, बल्कि यह लोगों के भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है, यह विषय है लोगों के सपनों को साकार करने हेतु आपके प्रयास का, यह विषय है लोगों की आर्थिक सुरक्षा का और एक जीवन बीमा अभिकर्ता के रूप में आपके लिए इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी है - आपके रिश्ते, लोगों का भरोसा और आपका नेटवर्क।
अक्सर मेरी बात जब अभिकर्ताओं से होती है, तो बहुतों के एक ही समस्या होती है - "नए ग्राहक कहाँ से लाएं?" लेकिन अगर आप ध्यान से देखें तो आप पाएंगे कि आपका अगला संभावित ग्राहक, आपके किसी पुराने ग्राहक का मित्र, रिश्तेदार अथवा परिचित हो सकता है। यही कारण है कि मैं सभी अभिकर्ताओं को यह बताता हूँ कि जीवन बीमा कारोबार में सम्बन्धों का निर्माण एवं उनकी देख-रेख आपकी सबसे बड़ी रणनीति होनी चाहिए।
जीवन बीमा बाजार पर हमारा मानना है कि जीवन बीमा केवल एक उत्पाद नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा भरोसा है जिसे आप अपने ग्राहकों के साथ बाँटते है और जो आगे चलकर आपको नए अवसर प्रदान करता है और नए ग्राहकों के दरवाजे खोल देता है।
तो आइये जानते है कुछ अनोखे सूत्र और घटनाएं, जो न केवल आपके बीमा कारोबार की राह को आसान बनायेंगे बल्कि आपके करियर को भी सफलता के उच्चतम शिखर तक ले जायेंगे।
अगर आप एक जीवन बीमा एजेंट हैं और खुद के बीमा कारोबार में बेहतर करना चाहते हैं, तो आपको आपका पूरा ध्यान आपकी मूल पूंजी पर केंद्रित करना चाहिए। एक जीवन बीमा एजेंट के पास जितने अधिक नाम होंगें, उसके बीमा विक्री की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
शिव कुमार नाम के एक व्यक्ति ने एलआईसी से जुड़कर जीवन बीमा का अभिकरण कारोबार शुरू किया। जब वह नए थे, तब वह कुछ मित्रो और अपने रिश्तेदारों को ही जानते थे। अभिकरण कारोबार शुरू करने के बाद कुछ महीनों में ही उन्होंने अपने सभी मित्रों, रिश्तेदारों और परिचितों से जीवन बीमा उत्पादों के बारे में बातचीत कर ली। नतीजा यह निकला की कुछ महीनो में वह सिर्फ सात बीमा ही बेच पाये।
शिव कुमार जी ने जब अपना बीमा कारोबार शुरू किया था तो सोचा था कि वह खूब मेहनत करेंगे और इस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करेंगे। लेकिन चंद महीनों में ही उनका हौसला टूटने लगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि अब वह यह नहीं समझ पा रहे थे कि बीमा उत्पादों की विक्री के लिए वह किससे मिलें।
इसके बाद उन्होंने हमसे बात की और इसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि अब वह अपने किसी भी मित्र, रिश्तेदार एवं परिचितों को सिर्फ "संभावित ग्राहक" के रूप में नहीं देखेंगे, बल्कि व्यक्तिगत संबंध विकसित करने का प्रयास करेंगे। अब जब उनके किसी मित्र का जन्मदिन अथवा शादी की सालगिरह होती, तो वह खुद ही उनके घर बधाई देने चले जाते, उनके किसी परिचित का बच्चा पढाई में अच्छा करता तो उसकी सराहना करते। इस तरह धीरे-धीरे उन्होंने लोगों से अपने संबंध बेहतर किये और लोग भी उन्हें पसंद करने लगे।
अब जब वह अपने इन संबंधों में बताते कि उन्हें अपना टारगेट कम्पलीट करने के लिए पांच नए बीमे की जरुरत है, तो लोग अपने मित्रो एवं पड़ोसियों के बारे बता देते। कुछ लोग अपने रिश्तेदारों से उनका परिचय करवाते, तो कुछ ने अपने ऑफिस के सहकर्मियों से परिचित करवाते। आज उनकी एजेंसी लगभग पांच वर्ष पूर्ण होने वाली है और आज भी वह इस सिद्धांत को अपनाते हैं।
नतीजा यह हुआ कि अब उन्हें यह नहीं सोचना पड़ता है कि उन्हें बीमा विक्री के लिए किसके पास जाना है। अभी कुछ दिन पहले ही मेरी बात उनसे हुई थी, तब वह मुझे बता रहे थे कि आज उनके डायरी में लगभग 400 ऐसे नाम हैं जिन्हे वह बीमा विक्री के लिए सम्पर्क करने वाले हैं।
सीख: जीवन बीमा कारोबार में, अभिकर्ता की डायरी में संभावित ग्राहकों का लिखा हुआ प्रत्येक नाम, आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं है। क्योकि, अगर आप प्रत्येक नाम के लिए समझदारी से काम करते हैं तो इनकी वजह से आपको अन्य कई नाम मिल सकते हैं।
अगर आप अपने जीवन बीमा कारोबार में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आपके सफलता का एक ही मंत्र है - "लगातार प्रयास", रोजाना नए लोगों से मिलना और उन्हें खुद के बारे बताना और साथ ही अपने व्यवसायिक रिश्ते विकसित करने के लिए प्रयास करना, आपको आपके शाखा कार्यालय का सबसे सफल एजेंट बना सकता है।
इसके लिए आप सीमा वर्मा जी को ही उदाहरण के तौर पर ले सकते हैं। इन्होने दो वर्ष पूर्व एजेंसी ली थी। इससे पहले वह एक गृहणी थी और अपने दो बच्चों ख्याल रखतीं थी। पति के बीमारी के चलते वह कारोबार की तलाश कर रहीं थीं। उन्होंने मेरे यूट्यूब चैनल "रितेश एलआईसी एडवाइजर" की एक वीडियो को देखकर हमसे सम्पर्क किया और मेरी ही सलाह पर उन्होंने जीवन बीमा का एजेंसी कारोबार शुरू किया।
एजेंसी का शुरुआती दौर उनके लिए काफी कठिन था। वह लोगों से बीमा उत्पादों के बारे में बातचीत करतीं, लेकिन सफल नहीं हो पा रहीं थीं। ऐसे में, हमारे सलाह के बाद उन्होंने अपने एजेंसी जीवन के लिए एक नया नियम स्वीकार किया। उन्होंने तय किया कि वह रोजाना कम से कम तीन से चार लोगों से बीमा उत्पादों के बारें में बातचीत करेंगी। उन्होंने तय किया कि चाहे वह बाजार में सब्जी खरीदने के लिए जाएं या बच्चों के पैरेंट्स मीटिंग में, वह रोजाना कम से कम तीन लोगों को बीमा उत्पादों को समझायेंगी या खुद का परिचय देंगी।
शुरुआत में लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे लोग उन्हें पहचानने लगे और परिणाम स्वरूप उन्होंने अपने एजेंसी के प्रथम वर्ष में ही 73 पॉलिसियों की विक्री की। उनके रोजाना के प्रयास का ही परिणाम है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में उन्होंने 69 पॉलिसियां बेच दी है और लगभग 19 प्रपोजल फॉर्म भरकर रखें हुए हैं। आज वह अपने परिवार को आर्थिक रूप से संभाल भी रही हैं और अपने क्षेत्र की भरोसेमंद अभिकर्ता के रूप में पहचान पा रही हैं।
सिख: रोज की छोटी-छोटी मुलाकातें ही आपके लिए बड़ा नेटवर्क तैयार कर सकती हैं और आपकी सफलता हेतु आसान रास्ता तैयार कर सकती हैं।
अगर आप जीवन बीमा कारोबार में सफल होना चाहते हैं तो आपको आपके ग्राहकों से सिफारिश प्राप्त करना चाहिए। यह एक ऐसा अचूक अस्त्र है जिसकी मदद से बीमा विक्री न केवल आसान होती है, बल्कि बड़े लक्ष्यों को भी सिमित समय में हासिल किया जा सकता है।
इसके लिए आप अरविन्द जी का उदाहरण ले सकते हैं, यह कई वर्षो से जीवन बीमा कारोबार कर रहे थे। लेकिन इन्होने अपने एजेंसी करियर में एक ऐसा समय भी देखा जो इनके लिए बहुत अधिक कठिन था। इनके पास पहले से ही लगभग 400 से अधिक ग्राहक थे। इनका कहना था कि मैं बहुत छोटे से क्षेत्र से हूँ और मैंने अपने क्षेत्र के अधिकतम लोगों को बीमा पॉलिसी बेच दी है, अब मुझे मेरे क्षेत्र में नया बीमा नहीं मिल रहा है, क्या करूँ?
हालाँकि, मैं खुद इस बात पर विश्वास नहीं करता हूँ कि किसी क्षेत्र में शत-प्रतिशत लोगों ने जीवन बीमा पॉलिसी खरीद ली है और अब वहां नया उत्पाद विक्री की संभावना ही नहीं है। लेकिन इसके बावजूद मेरे कहने से उन्होंने एक रास्ता अपनाया, उन्होंने अपने पुराने सभी ग्राहकों की सूची निकाली और सबसे पहले उन्होंने उन ग्राहकों के नाम छाटें जो उनके करीबी थे और संतुष्ट थे।
अब वह अपने संतुष्ट ग्राहकों से बातचीत करते और उनके दोस्तों, सहकर्मियों और रिश्तेदारों के बारे पूछते और कहते- कल्पना कीजिये कि यदि
स्वाभाविक है कि कोई भी व्यक्ति अपने प्रियजन के परिवार की ऐसी स्थिति से बहुत अधिक दुःखी होगा। इसके बाद अरविन्द जी अगला सवाल होता है कि यदि
मुझे यकीन है कि आप अपने किसी भी ग्राहक से इस आखरी प्रश्न को पूछेंगे तो उनका उत्तर "ना" ही होगा।
अब अरविन्द जी अपने ग्राहक से कहते हैं कि "आज आप अपने मित्र की मदद कर सकते हैं, आज आप उन्हें बता सकते हैं कि आपने एक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी है और आपके मृत्यु के बाद आपके जीवन साथी को जीवन बीमा पॉलिसी की जो रकम प्राप्त होगी, इसकी वजह से उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना होगा। इसलिए आपके मित्र को भी जीवन बीमा पॉलिसी खरीद लेनी चाहिए।"
अरविन्द के इन प्रयासों से, उनके ग्राहकों ने अपने सम्बन्धो में उनका सिफारिस करना शुरू कर दिया। हालाँकि शुरूआती रिजल्ट अच्छा नहीं था। क्योकि जब ग्राहकों ने उन्हें अपने करीबी लोगों के नाम दिए तो वह खुद ही उनसे सम्पर्क करने चले जाते, जिससे अधिकतम लोग उन्हें समय नहीं देते थे। ऐसे में मेरी सलाह के बाद वह अपने ग्राहकों के साथ उनके करीबी लोगों से मिलने के लिए जाने लगे और नतीजा यह हुआ कि उन्होंने बहुत ही कम समय में एमडीआरटी का लक्ष्य प्राप्त कर लिया।
सीख: संतुष्ट ग्राहक सिर्फ आपका ग्राहक नहीं होता, बल्कि आपके लिए "चलती फिरती विज्ञापन पब्लिसिटी" होता है। मेरा मानना है कि यदि आप अपने ग्राहकों को पूरी ईमानदारी से बीमा सेवायें देंगे, तो आपका प्रत्येक ग्राहक आपको कम से कम पांच नए ग्राहक तो दे ही सकता है।
अगर आप अपने क्षेत्र में खुद की पहचान एक सफल और प्रोफेशनल अभिकर्ता के रूप में बनाना चाहते हैं तो आपको यह समझना होगा कि जीवन बीमा कारोबार सिर्फ उत्पादों की खरीद और विक्री तक सिमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास और भरोसे पर टिका हुआ एक अटूट बंधन है। एक जीवन बीमा अभिकर्ता के रूप में आपको आपके ग्राहकों के मन में विश्वास पैदा करना होता है और जब आप ऐसा करने में सफल होते हैं तो आपका ग्राहक खुद ब खुद आप पर भरोषा करने लगता है और जब भी ऐसा होता है, तो शुरू होती है आपके सफलता की अटूट कहानी।
इसके लिए मैं आपको राघवेंद्र जी का उदाहरण देना चाहूंगा, जो एक भारतीय प्राइवेट जीवन बीमा कंपनी के अभिकर्ता हैं। यह कोरोना के बाद का कालखंड था, जब वह आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। उन दिनों मैंने भी अपने यूट्यूब चैनल रितेश एलआईसी एडवाइजर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमे बताया गया था कि एलआईसी क्यों बेहतर है। राघवेंद्र जी ने उस पूरी वीडियो को देखा और फिर उन्होंने मुझे सम्पर्क किया और उन्होंने एलआईसी ज्वाइन करने की इच्छा बताई।
चुकी वह पिछले कई वर्षो से अपना कारोबार कर रहे थे और वह जिस जीवन बीमा कंपनी के साथ काम कर रहे थे, वह भी एक मजबूत कंपनी थी। इसलिए मैंने उन्हें अपनी कंपनी न बदलने की सलाह दी। ऐसे सुझाव पर उन्होंने कहा, "सर, कोरोना के बाद से मैं बहुत अधिक परेशान हूँ और काफी कोशिस करने के बावजूद बीमा विक्री में मुझे बहुत मुश्किल हो रही है, ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?"
अब मेरी सलाह के बाद उन्होंने तय किया कि अब वह सिर्फ जीवन बीमा पॉलिसी की विक्री तक सिमित नहीं रहेंगे, बल्कि लोगों के बैंकिंग और बीमा से जुडी समस्याओं को हल करने के लिए सच्चा प्रयास करेंगे।
अब वह अपने पूर्व के सभी ग्राहकों से एवं अपने परिचितों से कहने लगे- "अगर आपकी जानकारी में कोई भी ऐसा व्यक्ति है, जिसे उसकी जीवन बीमा पॉलिसी में, बैंक खाते में अथवा पोस्ट ऑफिस के खाते में समस्या हो रही हो, तो आप उसको मेरा कांटेक्ट नंबर दे दीजिये। मैं ऐसे लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए दिल से प्रयास करूँगा।"
धीरे-धीरे लोगों ने राघवेंद्र जी के इस सोच को महसूस किया और कई लोगों ने अपने परिचितों को उनसे सम्पर्क करने की सलाह दी। कोई ग्राहक जो अपने बैंक खाते में नामांकन की समस्या से परेशान होता, कोई ग्राहक जो एलआईसी की पॉलिसी में मृत्यु दावा प्रोसेस में संघर्ष कर रहा होता या कोई ग्राहक जो अपनी पोस्ट ऑफिस की किसी समस्या के समाधान के लिए राघवेंद्र से सम्पर्क करता, राघवेंद्र बहुत ही समझदारी और धैर्यता के साथ उसका सहयोग करते और ऐसे परेशान ग्राहकों की दिल से मदद करते।
मुझे अभी भी एक घटना याद है जिसका जिक्र राघवेंद्र ने मुझसे किया था। उन्होंने बताया था, "सर, एक ग्राहक ने एलआईसी की पॉलिसी खरीदी हुई थी और उसकी मृत्यु हो चुकी थी। उसकी पॉलिसी सैलरी सेविंग स्कीम के तहत खरीदी गई थी और उसके एजेंट ने भी उसका कार्य पूर्ण कर लिया था, लेकिन उसके सैलरी से कोई कटौती नहीं हुई जिसके कारण एलआईसी ने मृत्यु दावा रिजेक्ट कर दिया। ऐसे पॉलिसी के मृत्यु दावे का भुगतान जब कराया, तो ग्राहक ने मुझे दिल से जिस तरह से आभार जताया, मैं शब्दों में उसे बयां नहीं कर सकता।"
इस तरह का कार्य करते हुए, अब लोग अपने परिचितों को भी बोलते हैं कि अगर जीवन बीमा पॉलिसी खरीदनी है, तो सिर्फ राघवेंद्र जी से खरीदो। आज राघवेंद्र जी अपने क्षेत्र में बहुत बेहतर तरीके से कारोबार कर रहे हैं और अन्य एलआईसी एजेंटो के लिए भी बड़ी चुनौती बने हुए है।
सीख: याद रखिये, जब आप अपने ग्राहकों की समस्या को खुद की समस्या मान लेते हैं, तो वह आपको सिर्फ एक अभिकर्ता के रूप में नहीं देखते, बल्कि वह आपको अपने परिवार का एक हिस्सा मान लेते हैं। ऐसे ग्राहक आपके लिए किसी भी व्यक्ति से लड़ सकते हैं और आपके ब्रांड एंबेसडर तक बन जाते हैं।
किसी भी कारोबार में सफल होना कोई जादू नहीं होता है, बल्कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और लगन से काम करना होता है। ठीक इसी तरह जीवन बीमा कारोबार में सफल होने के लिए कुछ सिद्धांतों पर अमल करना बेहद जरुरी होता है। आपके छोटे-छोटे कदम और निरंतर प्रयास आपको सफलता दिलाने में मदद करती है।
मैं पूरी ईमानदारी से आज यह कह सकता हूँ कि बीमा कारोबार का शुरूआती समय और कभी-कभी अनुभवी अभिकर्ताओं को भी समस्या होती है। लेकिन अगर आप पूर्ण विश्वास के साथ निरंतर प्रयास करते हैं तो आप अपनी समस्या को परास्त भी कर सकते हैं और सफल भी हो सकते हैं। सिर्फ इन सिधान्तो को अपने जीवन में अपना लीजिये-
जब आप इन चार स्तंभों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, तो ग्राहकों के लिए आप सिर्फ एक “एजेंट” नहीं रहते, बल्कि एक भरोसेमंद मार्गदर्शक और सहयोगी बन जाते हैं।
याद रखिये- जीवन बीमा केवल पॉलिसी नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और भविष्य की सुरक्षा का वादा है। जब आप इस वादे को सच्चे मन से निभाते हैं, तो ग्राहक खुद आपके लिए नए दरवाज़े खोलते हैं और आपका व्यवसाय निरंतर बढ़ता जाता है।
यदि आप भारतीय जीवन बीमा निगम में एक एजेंट के रूप में कारोबार कर रहे हैं, तो आपने यह जरूर सुना होगा कि एलआईसी सर्वे फॉर्म आपके बीमा कारोबार को बेहतर बनाने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह एक ऐसा माध्यम है जिसकी सहायता से आप एक ओर नए ग्राहकों से अपने व्यवसायिक रिश्ते बेहतर कर सकते हैं बल्कि खुद की प्रोफेशनल छवि का निर्माण भी कर सकते हैं।
जीवन बीमा बाजार की इस विशेष श्रृंखला में हम एलआईसी सर्वे फॉर्म के सभी प्रश्नों के बारे में विस्तार से समझ रहे हैं। आज के इस लेख में हम इसके चौथे प्रश्न - "क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?" के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
एलआईसी एजेंट के रूप में आपको यह प्रश्न सामान्य लग सकता है, लेकिन यदि आप अपने ग्राहकों से इसी प्रश्न को सही तरीके से पूछते हैं, तो यह आपके लिए बीमा कारोबार बढ़ाने हेतु नए अवसर एवं मजबूत ग्राहक सम्बन्ध दोनों पैदा कर सकता है। तो आइये समझते हैं कि इस साधारण से दिखने वाले प्रश्न के पीछे इतनी बड़ी संभावनाएं कैसे छिपी हुई है।
एलआईसी सर्वे फॉर्म का चौथा प्रश्न है, “क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?” यह प्रश्न देखने में सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन इसका उदेश्य एजेंट और ग्राहक दोनों के लिए बहुत अधिक लाभप्रद होता है।
वास्तव में, इस सर्वे का मुख्य उदेश्य यह है कि एक एजेंट अपने क्षेत्र के अधिकतम लोगों को उनके एलआईसी पॉलिसी से जुडी महत्वपूर्ण दे सके। जब कोई ग्राहक अपने एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट नहीं कराता है, तो भविष्य में उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जैसे लंबित भुगतान की सूचना का समय पर न मिलना, बोनस एवं क्लेम से जुडी जानकारियों का छूट जाना इत्यादि। ऐसे में अगर कोई एजेंट सर्वे के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों को यह प्रश्न पूछकर उनके पॉलिसी में एड्रेस अपडेट के महत्व को समझाता है, तो लोगों में यह भरोसा होगा कि एजेंट वास्तव में उनकी मदद कर रहा है।
इसके दो प्रमुख लाभ होते हैं-
इस प्रश्न का मुख्य उदेश्य यही है कि एजेंट अपने ग्राहक को यह भरोसा दिलाये कि अगर उसके एलआईसी पॉलिसी में उसका पता अपडेट रहता है, तो जरूरत पड़ने पर एलआईसी उसकी पॉलिसी से जुड़ा भुगतान अथवा सूचना सीधे उसके घर तक पहुंचा सकती है। वास्तव में, एलआईसी ने कई बार लंबित भुगतानों को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए इसी तरीके को अपनाया है। यही भरोसा आगे चलकर ग्राहक और एजेंट के व्यवसायिक रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है और एजेंट के बीमा कारोबार में अवसरों को बढ़ावा देता है।
यह जानना बेहद जरूरी है कि सर्वे के दौरान आप ग्राहक से एलआईसी सर्वे फॉर्म के चौथे सवाल को कैसे पूछे और ऐसा करते समय आपको प्रश्न की व्याख्या कैसे करनी चाहिए। इसके बाद, लेकिन सर्वे से पूर्व ही आपको यह आकलन भी कर लेना चाहिए कि आपके द्वारा इस प्रश्न को पूछे जाने पर आपके ग्राहक की प्रतिक्रिया क्या होगी और हर संभावित प्रतिक्रिया के लिए आपकी रणनीति क्या होगी।
आइये फ़िलहाल के लिए हम यह समझते हैं कि सर्वे के दौरान आपको अपने ग्राहक से यह सवाल कैसे पूछना चाहिए। तो इसके लिए मेरा सुझाव होगा कि इस प्रश्न को यथावत पढ़ना ही उचित रहता है- "क्या आप अपनी एलआईसी पॉलिसी में अपना पता अपडेट करना चाहते हैं?"
वास्तव में इस प्रश्न में ऐसा कोई शब्द नहीं है जो जटिल हो और आपके ग्राहक को समझ न आये। तो इस प्रश्न को समझाने की जरूरत तो नहीं होती है। लेकिन हाँ, इस इस विषय-वस्तु के महत्व और गंभीरता को समझाना बेहद जरूर है। यह कार्य आप कुछ इस तरह से कर सकते हैं-
"सर, सामान्यता एलआईसी की पालिसियां एक लम्बी अवधि के लिए खरीदी जाती है। एक ग्राहक जब पॉलिसी खरीदता है, तो प्रपोजल फॉर्म में अपना पत्राचार का पता और स्थाई पता दर्ज करवाता है और यही पता उसके पॉलिसी में दर्ज रहता है। एलआईसी अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करती है कि वह जब भी चाहे, अपने पते को और खास तौर से पत्राचार के पते को अपडेट करवा सकती है।
लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि ग्राहक कई कारणों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो जाता है, लेकिन अपने एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट नहीं करवाता है।
समय-समय पर, भारत सरकार और आईआरडीए के दिशानिर्देशों के अनुसार निगम को ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, बीमा पालिसियों में परिवर्तन कर सकती है और ऐसा होने पर ग्राहक की पालिसियों पर इसका असर हो सकता है। अब यदि एलआईसी में ऐसे परिवर्तन होते हैं, तो इसकी सूचना एलआईसी पत्राचार के द्वारा ग्राहक को करती है।
एलआईसी कई बार ग्राहकों के पालिसियों के प्रीमियम की सूचना, सहभागिता हित लाभ की सूचना और कुछ दावे (जैसे मृत्यु दावा) पर लिए गए निर्णयों की सूचना भी पत्राचार के माध्यम से ग्राहक को पहुंचाती है।
ऐसे में अगर आपके एलआईसी की पॉलिसी में आपके पत्राचार का पता अपडेट नहीं रहता है, तो निगम के द्वारा पत्राचार के माध्यम से भेजी जाने वाली जरूरी सूचना आपको नहीं मिल पायेगी और सम्भव तया आपको भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए एक जीवन बीमा सलाहकार के तौर पर आपके लिए मेरी यही सलाह होगी कि एक बार आप अपने पॉलिसी की जाँच जरूर कर लें और बताएं कि क्या आप अपनी एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट करवाना चाहते हैं।"
मुझे लगता है कि जब आप उपरोक्त तरीके से ग्राहक को उसके पॉलिसी के लिए पते को समझाते हैं, तो वह यह महसूस कर पाता है कि उसके जीवन बीमा पालिसियों में पत्राचार के पते का अपडेटेड रहना कितना अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह एक ऐसा तरीका है जिसके जरिये न केवल आप ग्राहक को पते के महत्व को समझाते हैं, बल्कि ग्राहक के मन में अपनी प्रोफेशनल छवि का निर्माण भी कर पाते हैं।
सर्वे के दौरान जब आप ग्राहक को उसके एलआईसी पॉलिसी के लिए पते का क्या महत्व होता है, यह समझा देते हैं तो ग्राहक पूरी समझदारी के साथ अपने जीवन बीमा पॉलिसी के दस्तावेजों की जाँच कर सकता है और फिर दो प्रकार की प्रतिक्रिया दे सकता है।
ग्राहक कह सकता है कि-
सर्वे के दौरान जब आप ग्राहक से यह सवाल पूछते हैं तो अगर ग्राहक यह कहता है कि वह अपने एलआईसी की पॉलिसी में अपना पता अपडेट करवाना चाहता है तो अब ग्राहक के इस कार्य को कम्पलीट करने के लिए किसी भी रणनीति को अपनाने से पहले, आपके लिए हमारे कुछ सुझाव है।
हमें यह पूरा भरोसा है कि अब तक आप ग्राहक के स्वभाव से परिचित हो चुके होंगे और अगर आप पुराने अभिकर्ता हैं, तो आपको यह अनुमान तो हो ही गया होगा कि ग्राहक के साथ आपके बिक्री की सम्भावनाएं क्या हो सकती हैं। तो किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले आपको यह बात ध्यान में रखना चाहिए।
दूसरी महत्वपूर्ण बात, जिसपर आपको विचार करना चाहिए कि वर्तमान समय में आपकी व्यस्तता क्या है और इन दोनों ही बातों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। आइये अब समझते है कि एक जीवन बीमा एजेंट के तौर पर आपको क्या करना चाहिए।
अब जैसा कि आप जानते ही हैं, जीवन बीमा पालिसियों में पता परिवर्तन कराने के लिए ग्राहक को एक एप्लीकेशन लिखना होता है और एक साक्ष्य के साथ इसको सम्बंधित शाखा कार्यालय में जमा करना होता है। ऐसे में, आपको चाहिए कि पता परिवर्तन के लिए एप्लीकेशन लिखें और उसपर ग्राहक के हस्ताक्षर करवा लें।
अब अगर आपके पास समय है, तो आप ग्राहक से कह सकते हैं कि जल्द ही आप ग्राहक के इस कार्य को पूर्ण करवाकर, फिर से ग्राहक से सम्पर्क करेंगे और इसके बारे में सूचित करेंगे। फ़िलहाल मेरा सुझाव यही होगा कि आपको यही रास्ता अपनाना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपको ग्राहक के साथ व्यवसायिक सम्बन्ध विकसित करने में मदद मिलेगी।
लेकिन यदि आपको किसी भी तरह से बिक्री संभावनाएं नहीं दिखती, तो फिर मेरा सुझाव होगा कि आप ग्राहक को पता परिवर्तन की प्रक्रिया समझा दें। ताकि आपका सामान्य नुकसान न हो।
सर्वे के दौरान बहुतायत लोग आपको ऐसे मिलेंगे, जिन्हें उनके जीवन बीमा पॉलिसी में पता अपडेट कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा होने पर आप अगले प्रश्न पर जा सकते हैं। लेकिन यदि आप खुद की प्रोफेशनल छवि विकसित करना चाहते हैं तो आपके लिए हमारी सलाह होगी कि ऐसा न करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि यही तो वह मौका है जब आपको बेहतर सिद्ध कर सकते हैं।
आप ग्राहक से कह सकते हैं, "सर, मैं आपसे अपने दिल की एक बात कहना चाहता हूँ और आपसे एक विनम्र अनुरोध भी करना चाहता हूँ। दिल की बात यह है कि मेरे लिए एलआईसी, सिर्फ मेरा कारोबार नहीं है बल्कि मैं इसको ईश्वर का दिया हुआ वरदान मानता हूँ। ऐसा इसलिए, क्योंकि एलआईसी मुझे मौका देती है कि मैं इसकी मदद से समाज की सेवा कर सकूँ।"
फिर अपनी बात को कुछ इस प्रकार से आगे बढ़ाएं- "सर, मैं अपने क्षेत्र के सभी लोगों के लिए यह चाहता हूँ कि किसी भी ग्राहक की पॉलिसी में कोई समस्या न हो। लेकिन मैं अकेले हर किसी तक नहीं पहुंच सकता हूँ। इसलिए आपसे यह विनम्र अनुरोध करता हूँ कि जहाँ तक संभव हो सके, यह जानकारी आप अपने साथी दोस्तों को भी जरूर दें।"
अब बारी है नए लोगों तक अपनी पहुंच बनाने की, तो अब आप कह सकते हैं- "सर, अगर आपको लगता है कि आपके किसी दोस्त को मेरे मदद की जरूरत है, तो आप बिना किसी संकोच के उसे मेरे बारे में बता सकते हैं।"
एलआईसी सर्वे फॉर्म का चौथा प्रश्न एलआईसी एजेंट के लिए एक बेहतरीन मौका है। आप इस मौके को एक सामान्य सा प्रश्न मानकर नजरअंदाज कर सकते हैं या फिर इस प्रश्न को अवसर मानकर, ग्राहक के मन में अपनी बेहतर जगह बना सकते हैं और अपनी प्रोफेशनल छवि का निर्माण कर सकते हैं।
एक ट्रेनर एवं शुभचिंतक के तौर पर आपके लिए मेरी यही सलाह होगी कि आप अपने क्षेत्र में सर्वे करें। यह आपके क्षेत्र के लोगों को जागरूक करेगा और आपके कारोबार को बेहतर बनाने के लिए सफलता के दरवाजे खोल देगा। एलआईसी सर्वे फॉर्म के पांचवें प्रश्न को समझने के लिए नीचे दी हुई "अगला पेज" बटन पर क्लिक करें।
क्या आपके क्लाइंट भी मार्केट की झूठी अफवाहों को सुनकर आपसे यह कहते हैं कि "एलआईसी (LIC) में पैसा जमा करना तो बहुत आसान है, लेकिन जरूरत पड़ने पर एलआईसी पैसा नहीं देती"? यह एक ऐसी स्थिति है जो किसी भी ईमानदार एजेंट के लिए बेहद निराशाजनक और उसके बिजनेस को सीधा नुकसान पहुँचाने वाली हो सकती है। जब ग्राहक ऐसा कहता है, तो एक एजेंट के रूप में आपका मनोबल गिर जाता है और कई बार प्रोस्पेक्टिंग की समस्या आपके करियर के लिए एक बड़ा खतरा बन जाती है। लेकिन घबराएं नहीं, Jeevan Bima Bazaar (JBB) के मास्टरक्लास के इस आठवें अध्याय में आपका स्वागत है।
के इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में, अगर आप एमडीआरटी (MDRT) का टार्गेट पूरा करना चाहते हैं, तो आपको सिर्फ प्लान बेचना नहीं, बल्कि ऑब्जेक्शन हैंडलिंग (Objection Handling) का असली मास्टर बनना ही होगा। इस अध्याय में हम गहराई से सीखेंगे कि कैसे सर्वे फॉर्म का एक छोटा सा और बहुत ही साधारण दिखने वाला सवाल—"क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसका डेथ क्लेम एलआईसी में रुका हुआ है?"—ग्राहक के मन में आपके प्रति अथाह विश्वास पैदा कर सकता है। यह सिर्फ एक सर्वे का सवाल नहीं है, बल्कि यह मार्केट में फैलाई गई नेगेटिविटी को हमेशा के लिए खत्म करने का सबसे अचूक हथियार है।
समाज में अक्सर यह अफवाह बिना किसी आधार के फैलाई जाती है कि "एलआईसी पैसा नहीं देती या क्लेम (Claim) पास करने में बहुत परेशान करती है।" कई बार यह अफवाहें उन लोगों द्वारा फैलाई जाती हैं जिन्हें बीमा नियमों की सही जानकारी बिल्कुल नहीं होती। इसके अलावा, कई बार प्राइवेट कंपनियों के वे एजेंट भी ऐसी अफवाहें फैलाते हैं जो अपना प्रोडक्ट बेचना चाहते हैं। एक प्रोफेशनल एलआईसी एजेंट के रूप में, सर्वे फॉर्म का यह विशेष प्रश्न उस भ्रांति (Myth) को जड़ से काटने के लिए ही डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह साबित करना है कि दावों (Claims) के भुगतान और निपटारे में भारतीय जीवन बीमा निगम पूरे देश में सबसे पारदर्शी संस्था है।
ज़रा इसके पीछे के मनोविज्ञान (Psychology) और 'Sales Defence' को गहराई से समझें। जब आप किसी नए अजनबी के पास जाकर सीधे प्रीमियम (Premium) 'मांगने' की बात करते हैं, तो उसके दिमाग में एक 'Sales Defence' यानी बचाव का अलार्म तुरंत एक्टिव हो जाता है। उसे लगता है कि आप उसकी जेब से पैसा निकालने आए हैं। इस डर की वजह से वह आपसे बचने के बहाने ढूंढने लगता है। लेकिन, जब आप सर्वे फॉर्म के माध्यम से रुके हुए पैसे 'दिलाने' की बात करते हैं, तो कहानी पूरी तरह से पलट जाती है।
ग्राहक तुरंत यह महसूस करता है कि आप उसकी जेब से पैसा निकालने नहीं आए हैं, बल्कि आप समाज की भलाई के लिए एक निस्वार्थ सेवा (Selfless Service) कर रहे हैं। इस एक छोटी सी मनोवैज्ञानिक शिफ्ट से ग्राहक का 'Sales Defence' पूरी तरह गिर जाता है। वह आपको एक लालची बीमा एजेंट की जगह अपना सच्चा पारिवारिक शुभचिंतक (Well-wisher) मान लेता है। जब यह दीवार गिरती है, तभी एक बड़ी सेल (Big Sale) की मजबूत नींव रखी जाती है।
अब सवाल यह उठता है कि जब आप फील्ड में यह सवाल पूछेंगे, तो ग्राहक क्या जवाब देगा और आपको उस पर क्या एक्शन (Action) लेना है? सर्वे के दौरान इस प्रश्न पर ग्राहक की प्रतिक्रिया को बहुत ध्यान से सुनें। एक बेहतरीन 'Mentor' की तरह आपको कभी भी ग्राहक से बहस (Argument) नहीं करनी है। चाहे वह कुछ भी कहे, नीचे दिए गए JBB के इस अचूक एक्शन प्लान (Homework/Task) को तुरंत लागू करें।
| ग्राहक की स्थिति | एजेंट का एक्शन प्लान |
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| ग्राहक कहता है कि किसी परिचित का क्लेम फंसा हुआ है। | तुरंत अपनी डायरी निकालें और पूरे सम्मान के साथ मृतक का नाम और पॉलिसी नंबर नोट करें। ग्राहक से वादा करें कि आप कल ही अपनी ब्रांच जाकर स्टेटस चेक करेंगे और उनका रुका हुआ या जो भी डेथ क्लेम है, उसे दिलाने में उस परिवार की पूरी मदद करेंगे। |
| ग्राहक कहता है 'एलआईसी पैसा नहीं देती' (सिर्फ अफवाह फैलाता है)। | बिल्कुल शांत रहें। चेहरे पर हल्की मुस्कान रखें और उस पीड़ित व्यक्ति का नाम और पॉलिसी नंबर पूरे आत्मविश्वास के साथ मांगें। 99% मामलों में उनके पास कोई सबूत नहीं होगा और अफवाह वहीं की वहीं खत्म हो जाएगी। |
| ग्राहक कहता है 'मेरी जानकारी में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है।' | यह आपका सबसे बड़ा मौका है! तुरंत एलआईसी के 98%+ 'Claim Settlement Ratio' (licindia.in Annual Report के अनुसार) और अपनी शानदार 'Home Service' की मार्केटिंग शुरू कर दें। उन्हें बताएं कि एलआईसी का सिस्टम कितना पारदर्शी है। |
इस टेबल में दी गई रणनीति का अगर आप सही से पालन करते हैं, तो कोई भी ग्राहक आपको फील्ड में हरा नहीं सकता। हर स्थिति में आप एक विजेता बनकर उभरेंगे और मार्केट में आपकी प्रोफेशनल अथॉरिटी (Professional Authority) पूरी तरह स्थापित होगी।
कई बार फील्ड में आपको ऐसे 'ज्ञानी' ग्राहक मिलेंगे जो बिना किसी सबूत के एलआईसी की बुराई करेंगे या दावों के भुगतान को लेकर बहुत लंबी बहस करेंगे। ऐसी स्थिति में आपको अपना आपा नहीं खोना है। जब ग्राहक कोई अफवाह फैलाता है या बहस करता है, तो JBB की इस सटीक और प्रभावशाली सेल्स स्क्रिप्ट (Practical Scenario) का उपयोग करें। इसे अपनी डायरी में लिख लें और ग्राहक के सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ बोलें।
एलआईसी एजेंट: "सर, मैं आपकी बात का पूरा सम्मान करता हूँ और आपकी चिंता को भली-भांति
समझ सकता हूँ। लेकिन सर, एक अधिकृत अभिकर्ता (Authorized Agent) के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी सिर्फ
लोगों को पॉलिसी बेचना नहीं है, बल्कि संकट के समय उनके परिवार को डेथ क्लेम (Death Claim) दिलाना भी
मेरी सबसे बड़ी ड्यूटी है।"
"सर, क्या आप मुझे उस पीड़ित परिवार का नाम या उनकी 'पॉलिसी नंबर' दे
सकते हैं जिनके साथ ऐसा हुआ है? मैं आपसे आज यह वादा करता हूँ कि मैं कल ही अपनी ब्रांच में जाकर
व्यक्तिगत रूप से इस केस की गहराई से जाँच करूँगा। अगर उनका क्लेम किसी छोटे-मोटे कागजी कारण से रुका
है, तो मैं बिना किसी स्वार्थ या फीस के उनका डेथ क्लेम पास करवाने में उनकी पूरी मदद करूँगा। कृपया
मुझे उनका विवरण दें।"
यह स्क्रिप्ट एक जादू की तरह काम करती है। जब आप इतनी दृढ़ता और ईमानदारी के साथ आँखों में आँखें डालकर यह बात कहते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति निशब्द (Speechless) हो जाता है। यह सुनते ही ग्राहक को आपकी ईमानदारी और आपकी कंपनी के सिस्टम पर 100% यकीन हो जाएगा। अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति को तुरंत समझ आ जाएगा कि वह एक आम एजेंट से नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल और निडर कंसल्टेंट से बात कर रहा है।
सर्वे के दौरान जब कोई ग्राहक आपको 'रुके हुए डेथ क्लेम' के बारे में बताता है, तो मदद करने की जल्दबाजी में कोई भी गलत कदम न उठाएं। एक अनजान ग्राहक से पहली ही मुलाकात में उनके मृतक परिजन के 'मूल दस्तावेज़' (Original Policy Bond या Death Certificate) अपने साथ लेकर कभी न आएं। आपकी पहली मुलाकात का उद्देश्य सिर्फ प्राथमिक जानकारी (जैसे- मृतक का नाम और पॉलिसी नंबर) लेना होना चाहिए, ताकि आप ब्रांच जाकर उस क्लेम का सही स्टेटस चेक कर सकें।
जब आप ब्रांच से सही जानकारी प्राप्त कर लें, केवल उसके बाद ही उनके परिवार के साथ दूसरी मुलाकात (Second Meeting) तय करें। इस चरण में सबसे पहले दावेदार की पहचान (KYC) को अच्छे से सत्यापित करें। यदि एलआईसी कार्यालय में जमा करने के लिए आपको उनके मूल दस्तावेज़ अपने साथ ले जाने की आवश्यकता है, तो दस्तावेज़ लेते समय ग्राहक को एक उचित और हस्ताक्षरित पावती (Acknowledgment Receipt) ज़रूर दें। यह स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया आपकी और आपके ग्राहक दोनों की कानूनी सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। ऐसा करने से ग्राहक के मन में आपके प्रति एक प्रोफेशनल सलाहकार वाला अटूट भरोसा पैदा होता है।
अगर आप चाहते हैं कि जब आप फील्ड में हों और डेथ क्लेम से जुड़ा कोई भी कठिन सवाल या बहस आपके सामने आए, तो आप बिना घबराए उसका सटीक जवाब दे सकें, तो यह वीडियो आपके लिए ही है। इस ट्रेनिंग वीडियो में विस्तार से समझाया गया है कि:
अपनी स्किल को अपग्रेड करने और इस तकनीक के पीछे के पूरे मनोविज्ञान को गहराई से समझने के लिए इस मास्टरक्लास वीडियो को पूरा ज़रूर देखें:
सर्वे फॉर्म पर काम करते समय ग्राहकों के मन में कई तरह के क्रॉस-क्वेश्चन (Cross-Questions) आते हैं। एक सफल लीडर के रूप में आपको हर सवाल का जवाब बहुत गहराई से पता होना चाहिए। यहाँ JBB आपको उन सभी सवालों के विस्तृत जवाब दे रहा है ताकि आप फील्ड में कभी न अटकें।
इस विशेष सवाल का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ यह है कि यह ग्राहक के मन से 'पॉलिसी बेचने का दबाव' तुरंत हटा देता है। आम तौर पर जब एक एजेंट घर आता है, तो ग्राहक सोचता है कि अब उसे प्रीमियम भरना पड़ेगा। लेकिन जब आप पैसा 'मांगने' (प्रीमियम) के बजाय पैसा 'दिलाने' (रुका हुआ क्लेम) की बात करते हैं, तो उनका डर पूरी तरह खत्म हो जाता है। वे महसूस करते हैं कि आप उनके फायदे की बात कर रहे हैं। इस एक सवाल से वे आपको एक लालची सेल्समैन की जगह अपना सच्चा पारिवारिक शुभचिंतक और सलाहकार मान लेते हैं, जिससे भविष्य की सेल का रास्ता साफ हो जाता है।
समाज में भले ही अफवाहें हों, लेकिन सच्चाई यह है कि एलआईसी कभी भी किसी भी परिवार का पैसा जानबूझकर नहीं रोकती। क्लेम रुकने के हमेशा कुछ तकनीकी कारण होते हैं। सबसे बड़ा कारण पॉलिसी में नॉमिनी (Nominee) का सही अपडेट न होना या नॉमिनी की मृत्यु हो जाना है। इसके अलावा, पॉलिसी का लंबे समय से लैप्स (Lapse) होना, या मृत्यु के बाद परिवार द्वारा सही KYC और बैंक (NEFT) विवरण समय पर उपलब्ध न कराना भी क्लेम में देरी का कारण बनता है। अगर मृत्यु पॉलिसी लेने के 3 साल के भीतर (Early Death Claim) होती है, तो नियमों के अनुसार उसकी जाँच (Investigation) होती है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है। आपको यह बात ग्राहक को बहुत ही शांति से समझानी चाहिए।
एक प्रोफेशनल सलाहकार की तरह आपको कभी भी ग्राहक से बहस (Argument) बिल्कुल नहीं करनी है। गुस्सा करने से आप सेल गँवा देंगे। आपको बस शांति से और पूरे आत्मविश्वास के साथ मुस्कुराते हुए उनसे उस पीड़ित व्यक्ति का नाम और पॉलिसी नंबर मांग लेना है। मनोविज्ञान और एलआईसी का डेटा बताता है कि जैसे ही आप प्रमाण (Proof) मांगते हैं, अफवाह फैलाने वाले 99% लोग तुरंत शांत हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्होंने भी यह बात किसी और से सुनी होती है और उनके पास कोई वास्तविक डेटा या पॉलिसी नंबर नहीं होता। इस तरह आप बिना लड़े ही बहस जीत जाते हैं।
बिल्कुल! यही तो इस सर्वे फॉर्म की सबसे बड़ी और अचूक रणनीति है। जब आप संकट के समय किसी अनजान परिवार की नि:स्वार्थ मदद करते हैं और उन्हें उनका रुका हुआ पैसा दिलाते हैं, तो 'Law of Reciprocity' (पारस्परिकता का नियम) काम करता है। वे परिवार आपके इस अहसान को कभी नहीं भूलते और आपके आजीवन (Lifelong) क्लाइंट बन जाते हैं। वे न सिर्फ अपने परिवार की नई पॉलिसी आपसे खरीदेंगे, बल्कि आपको अपने पूरे समाज और रिश्तेदारों से बेहद मजबूत रेफरल (Referrals) भी देंगे। यह एक फ्री की मार्केटिंग है जिसका कोई मुकाबला नहीं है।
हाँ, यह आपके प्रेजेंटेशन का सबसे बड़ा 'Trust Factor' (भरोसे का प्रतीक) है। जब ग्राहक आपसे कहे कि उसे किसी पेंडिंग क्लेम के बारे में नहीं पता और एलआईसी अच्छा काम कर रही है, तब आप गर्व से उन्हें बता सकते हैं कि एलआईसी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (Claim Settlement Ratio) बाज़ार में सबसे शानदार है। आईआरडीएआई (IRDAI) की रिपोर्ट के अनुसार यह लगातार 98% से अधिक रहता है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर 100 दावे आते हैं, तो 98 से ज्यादा परिवारों को उनका पैसा बिना किसी परेशानी के मिल जाता है। यह डेटा ग्राहक के मन में आपकी और आपकी कंपनी दोनों की एक बहुत ही सकारात्मक और सुरक्षित छवि बनाता है।
तो, अंतिम फैसला (Conclusion) क्या है? सर्वे फॉर्म का यह डेथ क्लेम वाला सवाल कोई सामान्य सवाल नहीं है, बल्कि यह आपको एक आम 'सेल्समैन' के दर्जे से प्रमोट करके एक सम्मानजनक 'क्लेम कंसल्टेंट' (Claim Consultant) बना देता है। जो एजेंट दावों (Claims) के निपटारे को अपनी व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी मानता है और समाज की मदद करता है, मार्केट में उसके विश्वास और अथॉरिटी को कोई दूसरी कंपनी या एजेंट कभी नहीं हरा सकता।
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बिल्कुल! वर्तमान वर्ष में ग्राहकों का भरोसा जीतना ही सबसे बड़ी और स्थाई सफलता है। अपनी एजेंसी को और अधिक सफल बनाने और सर्वे फॉर्म की सभी शानदार तकनीकों को क्रमबद्ध तरीके से गहराई से सीखने के लिए, आप हमारी एलआईसी सर्वे फॉर्म मास्टरक्लास की मुख्य सूची (Course Index) पर जाकर अन्य सभी महत्वपूर्ण अध्याय पढ़ सकते हैं। टार्गेट पूरा करें, जीत आपकी होगी।
Next up: क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ 'पता परिवर्तन (Address Update)' के बारे में पूछकर आप भविष्य की एक बहुत बड़ी सेल (Big Ticket Sale) की मजबूत नींव कैसे रख सकते हैं? अगले अध्याय (Chapter 9) में हम 'एड्रेस अपडेट' के ज़रिए ग्राहकों के साथ अटूट विश्वास निर्माण की शानदार रणनीति सीखेंगे...
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