LIC Plan 14 Calculator: प्रीमियम व क्लेम एस्टीमेटर
यह इंटरनेट पर मौजूद 'Jeevan Bima Bazaar (JBB) का एडवांस कैलकुलेटर इंजन' है। साल में, यह टूल एलआईसी के ऐतिहासिक बोनस डेटा (Historical Bonus Data) और प्रीमियम टेबल्स का गहराई से उपयोग करके आपके निवेश का एक अत्यधिक विश्वसनीय अनुमान (Highly Reliable Estimate) प्रस्तुत करता है।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का 'Endowment Plan 14' इतिहास की सबसे पुरानी और लोकप्रिय पॉलिसियों में से एक रही है, जिसे 1 सितंबर 1956 को शुरू किया गया था। चूँकि यह एक 'With Profit' योजना है और अब बिक्री के लिए बंद हो चुकी है, लाखों ग्राहकों का पैसा अभी भी इसमें निवेशित है। ऐसे में एक पॉलिसीधारक के तौर पर आपको यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी पॉलिसी पर अब तक कितना बोनस जमा हो चुका है और भविष्य में परिपक्वता (Maturity) पर आपको कितनी राशि मिलने की संभावना है। यह टूल केवल एक साधारण कैलकुलेटर नहीं है, बल्कि यह आपकी लैप्स (Lapsed) पॉलिसी, चुक्ता मूल्य (Paid-Up Value) और मृत्यु दावे (Death Claim) का भी शानदार इलस्ट्रेशन देता है।
यदि आप इस प्लान के सभी नियमों, फायदों और शर्तों को विस्तार से समझना चाहते हैं, तो हमारी की पूरी जानकारी और नियमों के लिए यहाँ क्लिक करें।
इस एडवांस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
वित्तीय गणनाओं (Financial Calculations) में सटीकता सबसे महत्वपूर्ण होती है। एक मुनीम का बहीखाता तभी सही परिणाम देता है, जब उसमें दर्ज किए गए आंकड़े सटीक हों। आपके समय की बचत और सटीक गणित प्रदान करने के लिए हमने इस टूल को बेहद सरल और यूज़र-फ्रेंडली बनाया है। अपना डेटा और ऐतिहासिक बोनस का सही एस्टीमेट प्राप्त करने के लिए इन आसान स्टेप्स का सावधानीपूर्वक पालन करें:
- Step 1: व्यक्तिगत और पॉलिसी विवरण दर्ज करें: सबसे पहले अपनी सही जन्म तिथि (DOB) और अपनी पॉलिसी बांड पर छपी 'Date of Commencement' (DOC - पॉलिसी शुरू होने की तारीख) दर्ज करें। DOC वह तारीख होती है जिस दिन से आपका जोखिम कवर (Risk Cover) और बोनस का जुड़ना शुरू होता है।
- Step 2: बीमाधन और अवधि का चयन: इसके बाद, अपनी पॉलिसी की अवधि (Term) और अपना मूल बीमाधन (Sum Assured) चुनें। ध्यान रखें कि इस योजना में न्यूनतम बीमा राशि से शुरू होती है। आप अपना वास्तविक बीमाधन दर्ज करें ताकि बोनस की गणना सटीक हो सके।
- Step 3: प्रीमियम भुगतान मोड चुनें: अपनी प्रीमियम जमा करने की विधि यानी प्रीमियम मोड (Yearly, Half-Yearly, Quarterly, Monthly) का सही चयन करें। इसका असर आपके ग्रेस पीरियड और बकाया प्रीमियम की गणना पर पड़ता है।
- Step 4 (सबसे खास फीचर - FUP Date): यदि आपने किसी कारणवश प्रीमियम भरना बंद कर दिया है, तो 'FUP Date' (First Unpaid Premium - प्रथम अदेय तिथि) वाले कॉलम में वह तारीख डालें जब से आपका अगला प्रीमियम बाकी है। यह टूल स्वचालित रूप से गणना करके अनुमान लगाएगा कि वर्तमान में आपकी पॉलिसी चालू (In-force) है, ग्रेस पीरियड (Grace Period) में है, या 'Paid-up' (चुकता) हो चुकी है। यह फीचर आपको सरेंडर करने से पहले होने वाले नुकसान का स्पष्ट चित्र दिखाता है।
- Step 5: डेथ क्लेम का इलस्ट्रेशन: यदि आप दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु दावे (Death Claim) का अनुमान लगाना चाहते हैं, तो 'Death Claim' वाले विकल्प पर 'हाँ' क्लिक करके सम्भावित मृत्यु की तिथि डालें और अंत में 'Calculate Benefits' का बटन दबाएं। आपका पूरा वित्तीय चिट्ठा आपके सामने होगा।
💼 Ritesh’s Pro-Tip: परिपक्वता (Maturity) का पैसा एकमुश्त मिलने पर एक बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं, वह है उस पैसे को बैंक के सेविंग अकाउंट में खाली छोड़ देना। मुनीम का उसूल कहता है कि पैसा कभी सोना नहीं चाहिए! बेहतर रिटर्न और भविष्य की सुरक्षा के लिए इस राशि को तुरंत किसी अच्छे 'Guaranteed Return Plan' या 'Pension Plan' में री-इन्वेस्ट करें। सही निवेश ही आपके धन को महंगाई की मार से बचा सकता है।
एलआईसी एंडोमेंट प्लान 14 का कैलकुलेटर
Complete Benefit Illustration with Premium, Maturity & Death Claim
Calculation Result
Policy Status & Details
| आपका नाम | - |
| प्लान संख्या | टेबल नंबर 14 |
| प्लान का नाम | एलआईसी की एंडोमेंट एश्योरेंस योजना |
| पॉलिसी जारी होने की तिथि | - |
| उम्र (पॉलिसी जारी होते समय) | - |
| बीमाधन | - |
| पॉलिसी अवधि | - |
| प्रीमियम भुगतान अवधि | - |
| प्रीमियम जमा विधि | - |
| प्रीमियम | - |
| पॉलिसी की स्थिति | - |
| मृत्यु दावा स्थिति |
-
नोट: मृत्यु की स्थिति में, चाहे पॉलिसी पूर्ण मृत्यु दावा के लिए
पात्र न हो, ऐसे सभी मामलों को “Death Claim” के रूप में ही संसाधित करना चाहिए। पॉलिसी
को सरेंडर करना आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है।
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| कुल जमा किस्ते | - |
| कुल जमा प्रीमियम | - |
| कुल जमा (अर्जित) बोनस | - |
मैच्योरिटी हितलाभ:
| मूल बीमाधन | |
| अपेक्षित सम्पूर्ण बोनस | |
| भविष्य का अनुमानित बोनस | |
| अंतिम अतिरिक्त बोनस (FAB) | |
| अपेक्षित कुल मैच्योरिटी राशि |
Death Claim Calculation
Date of Death:
⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण (Disclaimer)
यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक एवं वित्तीय योजना में सहायता हेतु विकसित एक अनुमान आधारित उपकरण है। यह किसी भी प्रकार की आधिकारिक एलआईसी गणना, प्रस्ताव या गारंटी का प्रतिनिधित्व नहीं करता तथा एलआईसी द्वारा संचालित या अनुमोदित नहीं है।
- प्रीमियम: प्रदर्शित प्रीमियम उपलब्ध आधिकारिक दरों पर आधारित हैं; इनमें जीएसटी या अन्य कर सम्मिलित नहीं हैं।
- बोनस एवं मैच्योरिटी: * चिह्नित बोनस वास्तविक घोषित दरों पर आधारित है, जबकि # चिह्नित बोनस अंतिम घोषित दर के आधार पर भविष्य का अनुमान है, जो परिवर्तित हो सकता है।
- मृत्यु दावा: प्रदर्शित लाभ उदाहरणात्मक हैं। वास्तविक दावा भुगतान एलआईसी की शर्तों, पॉलिसी वैधता एवं प्रीमियम स्थिति पर निर्भर करेगा।
यद्यपि प्रयुक्त डेटा आधिकारिक स्रोतों से सावधानीपूर्वक संकलित किया गया है, तथापि मानवीय त्रुटि, डेटा एंट्री में गलती या भविष्य में नियम/दर परिवर्तन के कारण परिणामों में अंतर संभव है। अंतिम निर्णय से पूर्व कृपया अधिकृत एलआईसी शाखा, एजेंट या आधिकारिक दस्तावेज़ से सत्यापन अवश्य करें। यह उपकरण विधिक, कर या निवेश परामर्श का विकल्प नहीं है।
'Paid-Up Value' (चुक्ता मूल्य) और वित्तीय शब्दावली
बीमा की दुनिया में कुछ ऐसे शब्द हैं जिनका गणित समझे बिना आप अपना सही मुनाफा नहीं निकाल सकते। एक जागरूक पॉलिसीधारक के रूप में आपको इन वित्तीय शब्दों (Financial Terms) का अर्थ स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए:
| वित्तीय शब्द (Financial Term) | इसका आपकी पॉलिसी के लिए क्या अर्थ है? |
|---|---|
| Paid-Up Value (चुक्ता मूल्य) | यदि आप 3 साल बाद प्रीमियम देना बंद करते हैं, तो आपका बीमाधन घट जाता है। टूल FUP डेट से इसकी गणना करता है। |
| Vested Bonus (घोषित बोनस) | यह वह बोनस है जो LIC पिछले वर्षों में घोषित कर चुका है। यह लगभग सुनिश्चित होता है और आपके खाते में जुड़ चुका है। |
| Projected Bonus (अनुमानित बोनस) | यह भविष्य के वर्षों के लिए अंतिम घोषित दरों पर आधारित एक अनुमान है, जो LIC के मुनाफे पर निर्भर करता है। |
| Final Additional Bonus (FAB) | यह अंतिम बोनस है। हमारा कैलकुलेटर इसे नवीनतम उपलब्ध डेटा दरों के आधार पर एस्टीमेट करता है। |
Paid-Up Value (चुक्ता मूल्य) का गहरा गणित:
एक मुनीम के नज़रिए से इस गणित को गहराई से समझें। जब आप कम से कम 3 साल तक पूरे प्रीमियम का भुगतान कर देते हैं और उसके बाद प्रीमियम देना बंद कर देते हैं, तो आपकी पॉलिसी पूरी तरह से रद्द नहीं होती। इसके बजाय, यह एक 'घटे हुए बीमाधन' (Reduced Sum Assured) के साथ 'Paid-Up' स्थिति में बदल जाती है।
चुक्ता मूल्य का सीधा फॉर्मूला है: (भरे गए प्रीमियम के वर्ष / कुल जमा करने वाले वर्ष) × मूल बीमाधन।
उदाहरण से समझें:
मान लीजिए, रमेश ने के बीमाधन के लिए 20 वर्ष की 'प्लान 14' पॉलिसी ली है। उसने 10 वर्ष तक नियमित रूप से प्रीमियम भरा और फिर वित्तीय तंगी के कारण प्रीमियम देना बंद कर दिया।
रमेश का चुक्ता बीमाधन (Paid-Up Sum Assured) होगा = (10 / 20) × 5,00,000 = ।
अब, रमेश को यह परिपक्वता के समय या मृत्यु होने पर मिलेगा। इसके साथ ही, उन शुरुआती 10 वर्षों के दौरान जो घोषित बोनस (Vested Bonus) उसकी पॉलिसी में जुड़ चुका था, वह भी इस राशि में जोड़ दिया जाएगा। हालांकि, 'Paid-up' होने के बाद भविष्य के वर्षों के लिए कोई नया बोनस नहीं जुड़ेगा।
सरेंडर फैक्टर और अवधि (Duration) का प्रभाव:
यदि आप पॉलिसी को सरेंडर करना चाहते हैं, तो केवल 'Paid-Up Value' ही सब कुछ नहीं होती। LIC इस चुक्ता मूल्य पर एक 'Surrender Value Factor' लागू करती है। यह फैक्टर इस बात पर निर्भर करता है कि पॉलिसी कितने वर्षों तक चली है (Duration Elapsed) और मैच्योरिटी में कितना समय बाकी है। जैसे-जैसे आपकी पॉलिसी मैच्योरिटी के करीब पहुँचती है, यह 'सरेंडर फैक्टर' बढ़ता जाता है और आपको आपके 'Paid-Up Value' का अधिक प्रतिशत नकद के रूप में मिलता है (जिसे Special Surrender Value या SSV कहते हैं)। यहाँ पर आपको यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि पॉलिसी को सरेंडर करना लगभग हर स्थिति में बड़ा नुकसान का सौदा होता है।
पॉलिसी का लैप्स होना और Grace Period का गणित
कई बार वित्तीय परेशानी के कारण या भूलवश हम समय पर प्रीमियम नहीं भर पाते हैं। ऐसे में LIC आपकी पॉलिसी को तुरंत रद्द नहीं करती, बल्कि आपको प्रीमियम जमा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय देती है, जिसे 'Grace Period' (रियायती अवधि) कहा जाता है।
तार्किक रूप से समझें तो, ग्रेस पीरियड आपके प्रीमियम भुगतान मोड पर निर्भर करता है:
- मासिक (Monthly) मोड: इसमें आपको 15 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है।
- वार्षिक, अर्ध-वार्षिक और त्रैमासिक (Yearly, Half-Yearly, Quarterly) मोड: इनमें आपको 30 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है।
यदि आपने हमारे कैलकुलेटर में जो 'FUP Date' (प्रथम अदेय तिथि) दर्ज की है, वह इन 15 या 30 दिनों के भीतर आती है, तो यह टूल आपको 'Grace Period' का स्टेटस दिखाएगा। यदि ग्रेस अवधि पार हो चुकी है, लेकिन पॉलिसी अभी भी रिवाइवल के योग्य है, तो यह 'Ordinary Revival Period (ORP)' दिखा सकता है। यदि यह समय भी काफी पुराना हो चुका है, तो पॉलिसी पूरी तरह से 'Lapsed' (लैप्स) की श्रेणी में चली जाती है (हालाँकि चुक्ता मूल्य सुरक्षित रहता है)।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रेस पीरियड के दौरान पॉलिसी को पूरी तरह से चालू (In-force) माना जाता है। यदि इस ग्रेस अवधि के दौरान लाइफ एश्योर्ड की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाती है, तो LIC नॉमिनी को पूरा डेथ क्लेम देती है। इस क्लेम की राशि में से केवल वह बकाया प्रीमियम (Outstanding Premium) काटा जाता है, जिसका भुगतान ग्रेस अवधि के दौरान नहीं किया गया था। हमारा टूल इस गणित को भी पूरी सटीकता के साथ कैलकुलेट करके दिखाता है, ताकि आपके परिवार को मिलने वाली राशि का सबसे यथार्थवादी और विश्वसनीय अनुमान लग सके।
JBB Verdict by Ritesh: यदि कैलकुलेटर आपको 'Grace Period' या 'Ordinary Revival Period (ORP)' का स्टेटस दिखा रहा है, तो तुरंत बकाया प्रीमियम भरकर अपनी पॉलिसी रिवाइव करा लें। पॉलिसी को बीच में छोड़ना या सरेंडर करना सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान है, क्योंकि इसमें आप अपना रिस्क कवर, अब तक जमा हुआ बोनस और भविष्य का अनुमानित बोनस (Projected Bonus) सब कुछ खो देते हैं। एक अच्छी वित्तीय योजना का पहला नियम अपने पुराने निवेश को सुरक्षित रखना है।
डेथ क्लेम (Death Claim) कैलकुलेशन का अनुमान कैसे बनता है?
एक मुनीम (Accountant) हमेशा तथ्यों और आंकड़ों पर बात करता है, भावनाओं पर नहीं। जब किसी पॉलिसी में मृत्यु दावे (Death Claim) की गणना की जाती है, तो वह हवा में नहीं होती, बल्कि एक ठोस और पारदर्शी फॉर्मूले पर आधारित होती है। मुख्य रूप से 'प्लान 14' में मृत्यु दावा 3 महत्वपूर्ण चीज़ों से मिलकर बनता है:
- मूल बीमाधन (Sum Assured): यह वह गारंटीड राशि है जिसका वादा पॉलिसी लेते समय किया गया था। (ध्यान दें: यदि पॉलिसी 'Paid-up' हो चुकी है, तो यहाँ मूल बीमाधन की जगह 'चुक्ता बीमाधन' लिया जाएगा, जैसा कि हमने ऊपर रमेश के उदाहरण में के साथ समझा था)।
- घोषित बोनस (Vested Bonus): पॉलिसी शुरू होने की तारीख (DOC) से लेकर मृत्यु के वर्ष तक LIC द्वारा घोषित और आपकी पॉलिसी में जोड़ा गया कुल ऐतिहासिक बोनस। LIC हर साल अपने मुनाफे के आधार पर प्रति हजार बीमाधन पर यह दर तय करती है।
- अंतिम अतिरिक्त बोनस (Final Additional Bonus - FAB): यदि आपकी पॉलिसी एक निर्धारित न्यूनतम अवधि (आमतौर पर 15 वर्ष या उससे अधिक) तक सफलतापूर्वक चली है, तो मृत्यु के समय लागू होने पर अनुमानित FAB भी एकमुश्त जोड़ा जाता है। यह एक प्रकार का लॉयल्टी रिवॉर्ड है जो लंबी अवधि के निवेशकों को दिया जाता है।
बकाया प्रीमियम की कटौती (Outstanding Premium Deduction):
हमारा कैलकुलेटर इन तीनों (Sum Assured + Vested Bonus + FAB) को जोड़ता है। इसके बाद, मुनीम के सटीक बहीखाते की तरह, यदि आपकी पॉलिसी ग्रेस पीरियड में है या मृत्यु के उस विशिष्ट पॉलिसी वर्ष का कोई प्रीमियम किश्त (Monthly/Quarterly) बकाया रह गया है, तो उस बकाया प्रीमियम (Outstanding Premium) को इस कुल राशि में से घटा दिया जाता है।
यह सब करने के बाद जो शुद्ध राशि (Net Amount) बचती है, वही नॉमिनी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। हमारा टूल आपको यह पूरा ब्रेकअप दिखाता है, ताकि आप एक यथार्थवादी (Realistic) और पारदर्शी अनुमान (Transparent Estimate) प्राप्त कर सकें। इस तरह, आपको वही आंकड़ा दिखता है जो वास्तव में क्लेम के समय मिलने की संभावना होती है।
⚠️ JBB Security Alert: यह कैलकुलेटर केवल आपकी सुविधा और वित्तीय योजना (Financial Planning) के लिए विकसित किया गया एक स्वतंत्र टूल है। हालांकि इसमें एलआईसी के ऐतिहासिक डेटा और उपलब्ध आधिकारिक दरों का उपयोग किया गया है, लेकिन इसे "100% सटीक" या "गारंटीड परिणाम" नहीं माना जा सकता। मानवीय त्रुटि (Human Error), दशमलव की राउंडिंग ऑफ (Rounding off), और भविष्य की FAB व बोनस दरों में होने वाले बदलाव के कारण अंतिम परिणामों में मामूली अंतर हो सकता है। यह एलआईसी का आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है। क्लेम की अंतिम, सटीक और यथार्थ राशि के लिए हमेशा अपनी नज़दीकी LIC शाखा या अधिकृत अभिकर्ता से संपर्क करें।
अंतिम विचार
एलआईसी का 'Endowment Plan 14' दशकों से लाखों भारतीय परिवारों की वित्तीय सुरक्षा का आधार रहा है। यह योजना न केवल आपको जीवन भर जोखिम से सुरक्षा (Risk Cover) प्रदान करती है, बल्कि एक शानदार बचत (Savings) का अवसर भी देती है। इस एडवांस कैलकुलेटर टूल को अपने ब्राउज़र में आज ही सेव (Bookmark) करें ताकि आप यथार्थवादी अनुमानों के आधार पर अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य की बेहतरीन योजना बना सकें। यह आपके निवेश का सही रिटर्न जांचने और अपने वित्तीय बहीखाते को दुरुस्त रखने का सबसे सुरक्षित और पारदर्शी तरीका है।
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