LIC Plan 149 Rules & Benefits: JBB Complete Guide
LIC Jeevan Anand (Table 149) एजेंटों के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाला प्लान है और ग्राहकों की पहली पसंद। लेकिन क्या यह वाकई आपको उतना रिटर्न देता है, जितना बताया जाता है? साल में, जब हजारों पुरानी पॉलिसियां अपनी मैच्योरिटी (Survival Benefit) पर पहुँच रही हैं, तो आपके मन में क्लेम और सरेंडर को लेकर कई सवाल होंगे। Jeevan Bima Bazaar (JBB) आज आपके सामने इसके गणित का सच और क्लेम के नए नियमों का पूरा विश्लेषण रखेगा, ताकि आपका एक भी रुपया न फंसे।
LIC Jeevan Anand 149: प्लान की असली ताकत और पात्रता
यह प्लान असल में Endowment (बचत) और Whole Life (आजीवन सुरक्षा) का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। इसका मतलब है कि तय समय के बाद आपको एकमुश्त पैसा मिल जाता है, और उसके बाद भी आपकी जिंदगी का रिस्क कवर बिना प्रीमियम दिए चलता रहता है।
नीचे दी गई जानकारी से आप इस प्लान की पात्रता (Eligibility) को समझ सकते हैं:
- प्रवेश आयु (Entry Age): कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष।
- अधिकतम आयु (PPT के अंत में): 75 वर्ष।
- प्रीमियम अवधि (Premium Paying Term): 5 वर्ष से लेकर 57 वर्ष तक।
- न्यूनतम सम एश्योर्ड (Min Sum Assured):
- अधिकतम सम एश्योर्ड (Max Sum Assured): कोई सीमा नहीं।
इस प्लान की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक्सीडेंट बेनिफिट (Accident Benefit) पहले से ही शामिल (Inbuilt) होता है। इसके तहत अधिकतम तक का एक्सीडेंटल कवर बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के मिलता है।
High Sum Assured Rebate (बड़ी पॉलिसी पर छूट)
अगर आपने बड़ा रिस्क कवर लिया है, तो LIC आपको प्रीमियम में छूट (Rebate) भी देती है। इसका गणित कुछ इस प्रकार है:
- 2.5 लाख तक: कोई छूट नहीं।
- 3 लाख से 4.95 लाख तक: ₹1 प्रति हजार सम एश्योर्ड की छूट।
- 5 लाख से 9.95 लाख तक: ₹1.50 प्रति हजार सम एश्योर्ड की छूट।
- 10 लाख और उससे ऊपर: ₹1.75 प्रति हजार सम एश्योर्ड की छूट।
Bonus और Maturity का पूरा गणित
फीचर्स तो शानदार हैं, लेकिन क्या इसका रिटर्न भी इतना ही अच्छा है? आइये इसके बोनस और मैच्योरिटी के कैलकुलेशन को गहराई से समझते हैं।
इस प्लान में LIC हर साल 'Simple Reversionary Bonus' घोषित करती है। यह बोनस आपके मूल Sum Assured पर हर साल जुड़ता रहता है। प्रीमियम अवधि खत्म होने पर आपको Sum Assured + Vested Bonus + Final Additional Bonus एक साथ दे दिया जाता है।
रमेश और सुरेश का उदाहरण
रमेश ने 35 साल की उम्र में के Sum Assured के साथ 25 साल के लिए यह पॉलिसी ली। मान लीजिए LIC हर साल ₹40 प्रति हजार का बोनस देती है।
- एक साल का बोनस: ₹20,000
- 25 साल का कुल बोनस:
- मैच्योरिटी (Survival Benefit): (मूल राशि) + (बोनस) + FAB
रमेश को 25 साल बाद लगभग से ज्यादा का भुगतान मिल गया। सबसे बड़ी बात, पैसा मिलने के बाद भी रमेश का का लाइफ कवर जिंदगी भर चलता रहेगा। इसके लिए उसे एक भी रुपया प्रीमियम नहीं देना है।
दूसरी तरफ, सुरेश ने कुछ पैसों की जरूरत के कारण 5 साल बाद ही पॉलिसी सरेंडर कर दी। सरेंडर करने पर उसे भरे गए प्रीमियम का काफी कम हिस्सा वापस मिला और उसका नुकसान हो गया।
💼 Ritesh’s Pro-Tip for Agents: आपके कई पुराने क्लाइंट्स अब मैच्योरिटी के करीब हैं। यह सही समय है कि आप उन्हें मैच्योरिटी की प्रक्रिया समझाएं। इसी विश्वास के दम पर आप उन्हें नया निवेश प्लान या उनके बच्चों के लिए टर्म प्लान समझा सकते हैं!
2024 का नया सर्कुलर: Claim Settlement हुआ आसान
अगर आपकी पॉलिसी भी मैच्योर हो रही है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। LIC ने 9 जुलाई 2024 को एक नया सर्कुलर (309) जारी किया है। इस नियम के अनुसार, आपको Survival Benefit लेने के लिए ब्रांच में फिजिकल Policy Bond और Discharge Voucher जमा करने की जरूरत नहीं है।
क्या आपकी पॉलिसी इन शर्तों को पूरा करती है? इसे पक्का करें:
Condition A: अगर पॉलिसी इनफोर्स है और Sum Assured से ज्यादा है, तो सिर्फ आपका बैंक अकाउंट NPCI से लिंक (NEFT Verified) होना चाहिए।
Condition B: अगर Sum Assured तक है और बैंक NPCI से वेरीफाइड नहीं है, तो भी क्लेम मिल सकता है, बशर्ते नीचे दी गई चेकलिस्ट पूरी हो:
सर्कुलर 309 की चेकलिस्ट (क्या-क्या जरूरी है):
- EDMS Image: पॉलिसी की डिजिटल इमेज LIC सिस्टम में होनी चाहिए।
- No Transfer: पिछले 3 साल में पॉलिसी किसी अन्य ब्रांच में ट्रांसफर नहीं हुई हो।
- Not Assigned: पॉलिसी पर कोई असाइनमेंट नहीं होना चाहिए।
- No Loan: पॉलिसी पर कोई बकाया लोन नहीं होना चाहिए।
- No Duplicate: पॉलिसी का डुप्लीकेट बांड जारी न हुआ हो।
अगर ये बातें सही हैं, तो आपका पैसा सीधा आपके खाते में आ जाएगा।
Surrender Rules और Guaranteed Surrender Value (GSV)
पॉलिसी सरेंडर करना एक कड़वा घूंट पीने जैसा है, क्योंकि इसमें नुकसान होना तय है। फिर भी, आपात स्थिति के लिए आपको इसके नियम पता होने चाहिए।
आप इस पॉलिसी को कम से कम 3 साल का पूरा प्रीमियम भरने के बाद ही सरेंडर कर सकते हैं । अगर आप 3 साल से पहले इसे बंद करते हैं, तो आपको कुछ भी वापस नहीं मिलेगा।
सरेंडर पर असल में कितना पैसा मिलता है? नियमों के अनुसार, सरेंडर वैल्यू दो तरह की होती है:
- Guaranteed Surrender Value (GSV): पहले साल के प्रीमियम और सभी अतिरिक्त/एक्सीडेंट प्रीमियम को छोड़कर, अब तक भरे गए कुल प्रीमियम का केवल 30% हिस्सा GSV कहलाता है।
- Special Surrender Value (SSV): यह सबसे महत्वपूर्ण है। असल में LIC आपको SSV का ही भुगतान करती है, जो GSV से हमेशा अधिक होती है। SSV की गणना आपके द्वारा भरे गए प्रीमियम के वर्षों और पॉलिसी की अवधि के आधार पर 'Surrender Value Factor' लगाकर की जाती है।
इसके साथ ही आपके जुड़े हुए बोनस का नकद मूल्य (Cash Value of Bonus) का कुछ हिस्सा भी जोड़कर दिया जा सकता है। ध्यान रखें कि प्रीमियम अवधि (PPT) खत्म होने और Survival Benefit मिल जाने के बाद कोई GSV नहीं मिलती है, उस समय सिर्फ SSV के आधार पर कैलकुलेशन होता है।
Death Claim: परिवार की पूरी सुरक्षा
प्रीमियम अवधि (Premium Paying Term) के दौरान अगर लाइफ एश्योर्ड की मृत्यु हो जाती है, तो डेथ क्लेम के नियम पॉलिसी की स्थिति (Status) पर निर्भर करते हैं:
- चालू पॉलिसी (Inforce Policy): अगर आपकी पॉलिसी पूरी तरह से चालू है और सभी प्रीमियम भरे गए हैं, तो नॉमिनी को डेथ क्लेम के रूप में पूरा (Sum Assured + Bonus + Final Additional Bonus) एकमुश्त दिया जाता है। (इसमें से अगले पॉलिसी एनिवर्सरी तक का बकाया प्रीमियम काटा जा सकता है)।
- पेड-अप पॉलिसी (Paid-Up Policy): अगर आपने कम से कम 3 साल प्रीमियम भरने के बाद प्रीमियम देना बंद कर दिया है, तो नॉमिनी को (Paid-Up Value + Bonus) दिया जाता है।
- इनबिल्ट एक्सीडेंट बेनिफिट: अगर मृत्यु एक्सीडेंट से होती है, तो इनबिल्ट एक्सीडेंट बेनिफिट के तहत तक की अतिरिक्त राशि नॉमिनी को दी जाती है।
नोट: LIC के एक विशेष एक्चुअरी नियम के अनुसार, यदि किसी दुर्लभ स्थिति में मृत्यु की तारीख पर पॉलिसी की Special Surrender Value (SSV) सामान्य डेथ क्लेम से अधिक बनती है, तो LIC नॉमिनी को SSV का भुगतान करती है )।
सबसे खास बात यह है कि प्रीमियम अवधि समाप्त होने के बाद (जब आपको अपना Survival Benefit मिल चुका होता है), अगर लाइफ एश्योर्ड की भविष्य में कभी भी मृत्यु होती है, तो भी नॉमिनी को मूल Sum Assured (या Paid-up value) के बराबर की राशि का भुगतान किया जाता है । इस डेथ क्लेम में अलग से कोई बोनस देय नहीं होता है ।
The Honest Review: अच्छाई और कमी (Pros & Cons)
हर वित्तीय प्रोडक्ट के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। सही फैसला लेने के लिए दोनों पहलू जानना जरूरी है।
इस प्लान की अच्छाइयां (Pros):
- इसमें Endowment और Whole Life दोनों का मिश्रण है।
- Survival Benefit मिलने के बाद आजीवन रिस्क कवर मुफ्त मिलता है।
- इनबिल्ट एक्सीडेंट कवर के लिए कोई अलग प्रीमियम नहीं लगता।
इस प्लान की कमियां (Cons):
- शुरुआती 3 सालों में सरेंडर करने पर 100% नुकसान होता है।
- मैच्योरिटी मिलने के बाद पॉलिसी सरेंडर करने पर कोई गारंटीड वैल्यू नहीं मिलती।
- चूँकि यह प्लान अब बंद हो चुका है, इसमें नए सिरे से निवेश नहीं किया जा सकता।
अपना NEFT/बैंक खाता लिंक करें (Official LIC Portal)
2024 के नए क्लेम नियमों (सर्कुलर 309) के अनुसार, बिना डिस्चार्ज फॉर्म और पॉलिसी बांड के अपना Survival Benefit प्राप्त करने के लिए आपका बैंक खाता NEFT द्वारा लिंक होना चाहिए। आप LIC के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर सीधे अपना बैंक विवरण सुरक्षित रूप से अपडेट कर सकते हैं।
Loading...आधिकारिक प्रमाण
LIC Jeevan Anand (Table 149) के 'डेथ क्लेम' (Death Claim), 'एक्सीडेंटल बेनिफिट' (Accident Benefit) और मैच्योरिटी के बाद आजीवन कवरेज से जुड़े नियमों की सत्यता जाँचने के लिए आप भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC of India) द्वारा जारी किया गया आधिकारिक सेल्स ब्रोशर (Sales Brochure) पढ़ सकते हैं। इस दस्तावेज़ में पॉलिसी के लाभ (Benefits in case of death) स्पष्ट रूप से बताए गए हैं।
FAQ: संबंधित प्रश्न और उत्तर
साल 2024 के नए सर्कुलर के अनुसार, अगर आपका बैंक खाता NPCI से वेरीफाइड है, तो कुछ शर्तों के साथ अब बांड और डिस्चार्ज फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं है।
पहले साल के प्रीमियम को छोड़कर, आपके द्वारा जमा किए गए कुल प्रीमियम का 30% आपको Guaranteed Surrender Value के रूप में मिलता है।
हाँ, Survival Benefit मिलने के बाद एक एस्टेट बन जाता है। उसके बाद मृत्यु होने पर बेसिक Sum Assured के बराबर राशि नॉमिनी को मिलती है।
हाँ, आप ऐसा कर सकते हैं, जिससे पॉलिसी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी, लेकिन इसमें कोई Guaranteed Surrender Value नहीं मिलती।
तो, अंतिम फैसला (Conclusion) क्या है?
चूँकि Plan 149 अब बंद हो चुका है, लेकिन यह LIC के इतिहास के सबसे शानदार प्लांस में से एक था। इस कैलकुलेशन से साफ है कि यदि आपकी पॉलिसी चल रही है, तो इसे भूलकर भी सरेंडर न करें। इसका आजीवन फ्री कवरेज इसे आज के कई नए प्लांस से बहुत बेहतर बनाता है! यह प्लान अब बाजार में नहीं है। यदि आप ऐसा ही कोई नया जीवन आनंद या एक शानदार टर्म प्लान खोज रहे हैं, तो तुरंत अपने Nearest Professional LIC Agent से संपर्क करें।
Loading…बीमा की सही जानकारी के लिए Jeevan Bima Bazaar के साथ जुड़े रहें।
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